भोपाल। नर्मदा गेस्ट हाउस में चिकित्सा सलाहकार समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें कर्मचारियों की चिकित्सा सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं और उनके सरलीकरण पर विस्तृत चर्चा की गई। इस बैठक में ऐबू यूनियन प्रतिनिधियों ने मांग रखी कि नई इम्पैनलमेंट व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को चिकित्सीय परामर्श के लिए अस्पताल भेजते समय जारी किए जाने वाले ‘रेफरल लेटर’ को केवल एक बार के उपयोग तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे संबंधित रोग के संपूर्ण उपचार और फॉलोअप अवधि तक के लिए वैध माना जाए।
उन्होंने वर्तमान व्यवस्था की कमियों को रेखांकित करते हुए कहा कि हर बार फॉलोअप के लिए नया रेफरल लेटर अनिवार्य होने से कर्मचारियों को बार-बार कार्यालय और अस्पताल के चक्कर काटने पड़ते हैं। इससे न केवल कर्मचारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है, बल्कि कई मामलों में संबंधित अस्पताल को दोबारा परामर्श शुल्क का भुगतान भी करना पड़ता है, जिससे बीएचईएल प्रबंधन पर अनावश्यक रूप से अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ रहा है।
बैठक में इसके साथ ही स्किन ओपीडी में फैक्ट्री कर्मचारियों से जुड़ी अन्य समस्याओं के निराकरण पर भी विचार-विमर्श किया गया । बैठक में बीएमएस,एचएमएस,ऐबू और सीटू यूनियन के प्रतिनिधि मौजूद थे ।
