-वेल्डिंग तकनीकों में सालाना 5000 वेल्डरों को मिलेगा प्रशिक्षण
भोपाल
बीएचईएल के मानव संसाधन विकास केन्द्र के वेल्डिंग स्कूल में सोमवर को विनय निगम, कार्यपालक निदेशक बीएचईएल, भोपाल एवं झांसी ने वेल्डिंग प्रौद्योगिकी में कौशल के लिए सामान्य इंजीनियरिंग सुविधा केंद्र (सीईएफसी) का उद्घाटन किया । इस अवसर पर अविनाश चन्द्रा, महाप्रबंधक एवं सभी महाप्रबंधक एवं वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे । यह वेल्डिंग स्कूल प्रधान मंत्री के नेतृत्व में चलाए जा रहे आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत भाोपाल और उसके आसपास के युवाओं को भारत में घरेलू उद्योगों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कौशल प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
भारतीय पूंजीगत सामान क्षेत्र-चरण 2 में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने की योजना के तहत भारी उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा बीएचईएल त्रिची की अगुवाई में वाराणसी, हरिद्वार, भोपाल एवं रानीपेठ के केंद्रों के माध्यम से वेल्डिंग प्रौद्योगिकी में कौशल के लिए वेल्डिंग रिसर्च इंस्ट्टियूट की स्थापना की जा रही है । इससे विभिन्न राष्ट्र्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क स्तरों के बुनियादी और उन्नत वेल्डिंग तकनीकों में सालाना 5000 वेल्डरों को कौशल प्रदान किया जाएगा ।
यह पारंपरिक वेल्डिंग तकनीकों के अलावा उन्नत वेल्डिंग तकनीकों में कौशल प्रदान करेगा जो उद्योग क्षेत्रों में की सभी वेल्डिंग जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होगा । भोपाल यूनिट में 50 से अधिक क्षमता वाले प्रशिक्षुओं के पहले बैच को फैब्रिकेशन विभाग के प्रशिक्षकों के अलावा बीएचईएल त्रिची के विशेषज्ञों द्वारा भी प्रशिक्षित किया जाएगा । प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित करने के लिए बीएचईएल भोपाल सेवानिवृत्त कर्मचारियों की भी सेवा लेगा जो वेल्डिंग तकनीक में विशेषज्ञ हैं ।
