भोपाल
साल के पहले सूर्य ग्रहण को दक्षिण प्रशांत महासागर के देशो जैसे ऑस्ट्रेलिया, इण्डोनेशिआ, फिलीपींस अदि जगहों पर दिखाई देगा और यह भारत के समयानुसार सुबह 7 बजकर 5 मिनट से 12.45 तक रहेगा। ग्रहण के समय 6 गृह राहु और केतु के नक्षत्रों में या उनसे सीधे सम्बन्ध में हे जिससे कोरोना वायरस के मामले जो हल फिलहाल में सामने आ रहे हैं बने रहेंगे परन्तु गुरू का 22 अप्रैल को गोचर में मेष राशि में आने से यह पीड़ा जल्द ही समांप्त हो जाएगी।
ग्रहण मेष राशि में है तथा पाकिस्तान की पत्रि भी मेष लग्न की हैं जिससे वहां राजनीतिक उठा पटक तेज होंगी जिससे शाहबाज शरीफ की सरकार पर गंभीर संकट आ सकता है और देश में आपात काल की स्थति बन सकती हैं, आर्थिक दृष्टि दिन प्रतिदिन खराब हो रही हैं कुल मिलाकार यह समय पाकिस्तान के लिए साल 1971 से भी खराब हैं जब हिंदुस्तान ने युद्ध में शिकस्त दी थी।
भारत की कुंडली में मेष राशि द्वादश भाव में हैं और गोचर में इस भाव में गुरू राहु की युति भी शुभ नहीं हे ज्ञात रहे की यह भाव सीक्रेट विरोधियों का भी है इसलिए मोदी सरकार के खिलाफ गुप्त युद्ध और तेज होगा जिसमें विदेशी ताकतें सक्रीय रूप से सामने आती दिखेंगी। अन्य ग्रहों की गोचर स्थिति के अनुसार सोने के भाव में वृद्धि बनी रहेगी, देश विदेश में इन्फ्लेशन की मार जारी रहेगी मानसून सामान्य से बेहतर होगा परन्तु मौसम में अप्रत्याशित बदलाव बने रहेंगे।
सुभाष सक्सेना ज्योतिषाचार्य
