-आज भी होंगे दिल्ली में साक्षात्कार
भोपाल
भारत हेवी इलक्ट्रिकल्स लिमिटेड भेल महारात्न कंपनी के मंगलवार को दिल्ली कॉरपोरेट में साक्षात्कार लिये गये । यह साक्षात्कार बुधवार को भी होंगे । कंपनी के इस पद के 71 अफसर दावेदार हैं । इनमें से सिर्फ 25 से 30 अफसर ही प्रमोशन पा सकेंगे । कॉरपोरेट ने लंबे समय से इस पद के साक्षात्कार न होने के कारण 11 जीएमआई,17 जीएम हेड और 4 जीएम प्रोजेक्ट डायरेक्टर बना डाले । इसलिये इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि ज्यादातर अफसर इन्हीं में से कार्यपालक निदेशक पद पर प्रमोशन पा सकते हैं । इनकी संख्या 32 आंकी जा रही है । इसके अलावा 39 महाप्रबंधक भी इस पद के दावेदार बने हुये हैं ।
बुधवार को साक्षात्कार के बाद ही साफ हो पायेगा की आखिर कौन बनेगा ईडी । अकेले भेल भोपाल कॉडर के 10 अफसर भी शामिल हैं । देखा जाये तो भोपाल से तो अकेले जीएम हेड सुशील कुमार बावेजा ही शामिल हैं। जबकि इस यूनिट से बाहर की यूनिट में तबादले के बाद गये 9 अफसर भी इस पद के प्रमोशन में किसी से कम दिखाई नहीं दे रहे हैं। किसमें कितना दम है यह तो प्रमोशन लिस्ट जारी होने के बाद ही पता चल पायेगा ।
भोपाल से जीएम हेड श्री बावेजा के अलावा भोपाल कॉडर के जीएमआई राजीव सिंह,दिल्ली कॉरपोरेट मानाव संसाधन विभाग के जीएम हेड एम ईसादौर,झांसी के जीएम हेड विनय निगम और आरओडी के जीएम हेड संजीव कुमार कॉक,त्रिचना पल्ली के महाप्रबंधक ऑप्रेशन एसएम रामनाथन,नोएडा टीजीबी के महाप्रबंधक विपिन मिनोचा,नोएडा पीएस-टीईएम महाप्रबंधक बीके सिंह,जगदीशपुर के महाप्रबंधक रूपेश तैलंग भी प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं ।
अन्य यूनिट से टीएस वर्धराजन, एसवी श्रीनिवासन, विवेक कुमार रैजदा, बी बालासुब्रमनीयन, टीएस मुरली, मीना केसरी, राकेेश कुमार श्रीवास्तव, पुष्पेन्द्र कुमार सक्सेना, पंकज जैन, बीवीएन किशोर, सुधीर बाबू, रवि शंकर, आरपी सिंह, बैनी वर्मा, प्रवीण किशोर, अरूमी मुखर्जी, नरेन्द्र कुमार भी प्रमोशन पा सकते हैं । जो जीएमआई और जीएम हेड यूनिटों में ईडी के पॉवर लेकर काम कर रहे हैं उनका तो लगभग प्रमोशन तय ही माना जा रहा है । इनको प्रमोशन के बाद कंपनी की अन्य बड़ी यूनिटों की जवाबदारी सौंपी जा सकती है ।
भेल के मुखिया की नजर काम करने वाले अफसरों ज्यादा टिकी है । कंपनी ने वर्ष 2021-22 में कंपनी बेहतर मुनाफा कमाया इसे और आगे बढ़ाने के लिये सिफारिश वाले कम और काबिल अफसरों की ज्यादा जरूरत है । बेहतर परफारमेंश वाले अफसरों की कमी नहीं है सिर्फ उन्हें छांटने की जरूरत है । इस प्रमोशन के बाद कुछ यूनिटों में नये ईडी को कमान सौंपी जा सकती है । अब देखना यह है कि भेल के मुखिया किस तरह की प्रशासनिक सर्जरी करते हैं ।
