केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने शुक्रवार को बीएचईएल हरिद्वार का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बीएचईएल को देश की प्रगति का मुख्य स्तंभ बताते हुए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। कार्यक्रम में बीएचईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के सदाशिव मूर्ति और हरिद्वार इकाई के कार्यपालक निदेशक श्री रंजन कुमार भी मौजूद रहे। हरित ऊर्जा की ओर बढ़ते कदम केंद्रीय मंत्री ने बीएचईएल उपनगरी में नवनिर्मित 05 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और बीएचईएल के ये प्रयास सराहनीय हैं। इस संयंत्र से प्राप्त बिजली संस्थान की आंतरिक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगी। रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ का संकल्प रक्षा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि दर्ज करते हुए मंत्री महोदय ने हरिद्वार में निर्मित 53वीं एसआरजीएम नेवल गन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह गन 35 किलोमीटर के दायरे में हवा और पानी के लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है। श्री कुमारस्वामी ने इसे ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य की दिशा में एक अहम मील का पत्थर बताया। औद्योगिक विस्तार और तकनीकी उत्कृष्टता मंत्री ने सीएफएफपी इकाई में 30 टन इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस का भी उद्घाटन किया। यह अत्याधुनिक फर्नेस उच्च गुणवत्ता वाले स्टील उत्पादन और बड़े आकार के कास्टिंग एवं फोर्जिंग की दक्षता में सुधार करेगी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अडानी पावर लिमिटेड (रायपुर प्रोजेक्ट) के लिए तैयार 800 मेगावाट क्षमता के टीजी स्टेटर को भी डिस्पैच के लिए हरी झंडी दिखाई। कर्मचारियों के साथ सीधा संवाद दौरे के अंत में केंद्रीय मंत्री ने बीएचईएल के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ संवाद किया। उन्होंने कर्मचारियों की तकनीकी विशेषज्ञता की प्रशंसा करते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में यूनियन प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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