भोपाल
बीएचईएल में बिना प्रतिनिधि यूनियन के शनिवार को प्लांट कमेटी की बैठक आयोजित की गई । कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने पर अड़ी प्रतिनिधि यूनियनों ने इस बैठक का बहिष्कार किया । इस संबंध में भेल के मुख्यिा का कहना है कि प्लांट कमेटी की बैठक में सिर्फ प्लांट से जुड़े मुद्दों पर ही चर्चा होती है इसलिये प्रतिनिधियों को अलग-अलग फोरम पर चर्चा करना चाहिये ।
मामला दिल्ली कॉरपारेट से जुड़ा हुआ है जेसीएम में यूनियन प्रतिनिधियों की चर्चा भी हो चुकी है । इस बैठक में कार्यपालक निदेशक विनय निगम, महाप्रबंधक (मा.सं.) आदिकन्द बेहेरा, सभी महाप्रबंधकगण, चिकित्सा, नगर प्रशासन के प्रमुख तथा सुपरवाईजर एसोसिएशन के प्रतिनिधि मौजूद थे । बीएचईएल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक यूनियनों के प्रतिनिधियों द्वारा पीपी, एसआईपी, इन्सेन्टिव आदि मुद्दों का हवाला देते हुए प्लांट कमेटी की बैठक में भागीदारी नहीं की गई ।
उल्लेखनीय है कि ये मुद्दे प्लांट कमेटी से संबंधित नहीं है प्लांट कमेटी में यूनिट स्तर पर टर्न ओवर, कैश कलेक्शन, यूनिट से संबंधित कर्मचारियों की समस्याओं तथा स्थानीय विषयों पर चर्चा की जाती है । श्री निगम ने संवाद को सबसे महत्वपूर्ण घटक मानते हुए कहा कि अधिकांश समस्याओं का समाधान आपस में मिल जुलकर बातचीत करने से ही हो जाता है । उन्होंने कर्मचारियों से सीधे संवाद पर जोर दिया और कहा कि इस बात की सबसे अधिक जरूरत है कि कंपनी में होने वाले निर्णय तथा कंपनी की वर्तमान स्थिति से प्रत्येक कर्मचारी परिचित हो ।
बीएचईएल में संवाद के लिए जो फोरम बने हैं, उनका समुचित उपयोग किया जाना चाहिए । उन्होंने कारपोरेट प्रबंधन द्वारा सभी कर्मचारियों से सीधे एमसीएम बैठक के कार्यवृत्त शेयर करने की शुरूआत को एक प्रभावी कदम बताया । उन्होंने सभी महाप्रबंधकों से कहा कि कर्मचारियों को सभी जानकारी दिए जाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं ।
कार्यक्रम के प्रारंभ में श्री बेहेरा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए यह कहा गया कि प्लांट कमेटी की बैठक प्लांट में कार्य करने वाले सभी कर्मचारियों के हितों और कारखाने के उत्पादन को बढ़ाने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है । उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कर्मचारियों के साथ संवाद को बढ़ाने के लिए मेकॉम, शॉप काउन्सिल आदि फोरम का प्रभावी उपयोग किया जाएगा ।
