भोपाल
संतोषी विहार में कथा के चौथे दिन आचार्य पं नवलेश दीक्षित महाराज जी ने भगवान के विभिन्न चरित्रों का वर्णन करते हुये गुरू के महत्व को आकर्षक ढंग से बताया । कथा में बड़ी संख्या में महिला व पुरूष वर्ग मौजूद था । मुख्य यजमान विरेन्द्र त्रिपाठी ,श्रीमती राजेश्वरी त्रिपाठी हैं।