भोपाल
अयोध्या बॉय पास रोड स्थित संतोषी विहार में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को कथा वाचक आचार्य नवलेश दीक्षित महाराज ने सुकदेव महाराज के जन्म की कथा सुनाई। कथा में राजा परीक्षित को मिला श्राप और अमर कथा का वर्णन किया। कथा व्यास ने कहा कि भगवान की कथा विचार, वैराग्य, ज्ञान और हरि से मिलने का मार्ग बताती है। राजा परीक्षित के कारण भागवत कथा पृथ्वी के लोगों को सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
उन्होंने कहा कि समाज द्वारा बनाए गए नियम गलत हो सकते हैं, परंतु भगवान के नियम ना तो गलत हो सकते हैं और नहीं बदले जा सकते हैं। इसके बाद धु्रव चरित्र, भगवान शिव-पार्वती के विवाह की कथा भी सुनाई। इस मौके पर भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की झांकी सजाई गई। कथा में मुख्य यजमान विरेन्द्र त्रिपाठी और उनकी धर्मपत्नी हैं। कथा रोजाना दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक की जा रही है। शुक्रवार को कथा सुनने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कथा का समापन 6 अप्रैल हनुमान जन्मोत्सव पर भंडारे के साथ होगा।
