भोपाल। भोपाल नगर निगम परिषद की एक विशेष बैठक मंगलवार, 9 जून को आयोजित की जा रही है। हालांकि, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के निर्देशानुसार इस बैठक का मुख्य एजेंडा केवल ‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016’ का प्रभावी क्रियान्वयन है, लेकिन आगामी मानसून को देखते हुए विपक्ष ने जनहित से जुड़े मुद्दों पर सत्ता पक्ष को घेरने की पूरी रणनीति तैयार कर ली है।
गौरतलब है कि विभाग ने विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में सभी नगरीय निकायों को 5 जून को ही यह बैठक करने के निर्देश दिए थे, लेकिन भोपाल नगर निगम में यह विशेष बैठक 9 जून को होने जा रही है। इस महत्वपूर्ण बैठक में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी शामिल नहीं हो सकेंगी। पारिवारिक कारणों से उनके शहर से बाहर मुंबई में होने की वजह से उन्होंने बैठक में उपस्थित होने में असमर्थता जताई है। इस स्थिति को देखते हुए नेता प्रतिपक्ष ने नगर निगम अध्यक्ष को एक आधिकारिक पत्र लिखकर अपनी जगह वार्ड क्रमांक-16 के सीनियर पार्षद मोहम्मद सरवर को बैठक के लिए अपना प्रतिनिधि नियुक्त करने की अनुमति मांगी है। शबिस्ता जकी की अनुपस्थिति में पार्षद मो. सरवर परिषद की बैठक के दौरान नेता प्रतिपक्ष की मुख्य भूमिका का निर्वहन करेंगे और विपक्ष की ओर से मानसून से जुड़ी समस्याओं को पुरजोर तरीके से उठाएंगे।
पार्षद मो. सरवर ने बताया कि इस विशेष बैठक में भले ही सिर्फ एक एजेंडा तय किया गया है और उस पर चर्चा होना जरूरी भी है, लेकिन मानसून पूर्व उन सभी विषयों पर भी बात होनी चाहिए जो सीधे तौर पर आम जनता के हित से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि भोपाल में वर्तमान में पेयजल संकट एक बड़ा मुद्दा बन चुका है; चाहे कोलार पाइपलाइन हो या नर्मदा लाइन, बार-बार फूट रही हैं, जिससे कई दिनों तक लोगों को पानी नहीं मिल पाता। इसके अलावा, थोड़ी सी ही बारिश में पूरे शहर में जलभराव के हालात बन जाते हैं। चार दिन पहले हुई तेज बारिश का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि महामाई का बाग की तरफ जाने वाला नाला चोक होने से क्षेत्रवासी खासे परेशान रहे। शहर के कई इलाकों में सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। विपक्ष इन सभी जनसमस्याओं को परिषद के पटल पर रखकर सत्ता पक्ष से जवाब मांगेगा।
