भोपाल
प्रदेश के कई जिलों में मंगलवार देर शाम मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खासकर रबी की फसलें और अफीम की खेती को व्यापक नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी गेहूं, चना, सरसों और मसूर की फसलें बिछ गईं, जबकि अफीम की डोडियां टूटने से उत्पादकता पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। मंदसौर में सबसे अधिक मार मंदसौर जिले में तेज हवाओं के साथ हुई ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई गांवों में खेतों में पानी भर गया और ओलों की मोटी परत जम गई।
अफीम उत्पादक किसानों का कहना है कि फसल कटाई से पहले हुई इस बारिश से गुणवत्ता प्रभावित होगी। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यदि मौसम साफ नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ सकता है। गुना में गिरी फसलें, खेतों में भरा पानी गुना जिले के ग्रामीण इलाकों में आंधी के साथ तेज बारिश दर्ज की गई। कई स्थानों पर गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई है, जिससे कटाई में दिक्कत आएगी और उत्पादन घटने की संभावना है। किसानों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से मौसम अस्थिर था, लेकिन इतनी तेज बारिश और ओलावृष्टि की उम्मीद नहीं थी।
20 से अधिक गांव प्रभावित प्राथमिक जानकारी के अनुसार कई गांवों में फसलों को 30 से 70 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है। राजस्व और कृषि विभाग की टीमें नुकसान का सर्वेक्षण करने के लिए मौके पर पहुंच रही हैं। प्रशासन ने किसानों से धैर्य बनाए रखने और फसल बीमा योजना के तहत दावा करने की अपील की है। किसानों की मांग – शीघ्र मुआवजा
प्रभावित किसानों ने सरकार से तत्काल गिरदावरी और उचित मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि पहले ही लागत बढ़ने और बाजार भाव कम मिलने से आर्थिक दबाव था, ऐसे में प्राकृतिक आपदा ने स्थिति और कठिन बना दी है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। प्रशासन ने किसानों को सावधानी बरतने और खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी है।
