भोपाल
प्रदेश में “वंदे मातरम्” को अनिवार्य किए जाने के मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। सरकार द्वारा सरकारी कार्यक्रमों में इसे अनिवार्य किए जाने के निर्देशों के बाद प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री प्रताप सिंह ने कहा कि देशभक्ति और राष्ट्रीय भावना को मजबूत करने के लिए “वंदे मातरम्” का पाठ आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह गीत देश की आजादी से जुड़ा हुआ है और इसमें किसी प्रकार की आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि स्कूलों के साथ-साथ मदरसों में भी “वंदे मातरम्” लागू किया जाएगा, ताकि सभी जगह समान रूप से इसका पालन हो सके। राजनीतिक बयानबाजी तेज भाजपा विधायक रमेश शर्मा ने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “वंदे मातरम्” को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है, जबकि यह देश की एकता और अखंडता का प्रतीक है।
वहीं कांग्रेस विधायक अरुण यादव ने कहा कि देशभक्ति किसी पर थोपी नहीं जा सकती। उन्होंने कहा कि “वंदे मातरम्” को लेकर पहले भी विवाद रहे हैं और इस मुद्दे पर समाज में समरसता बनाए रखने की आवश्यकता है। कुछ शब्दों पर मतभेद कांग्रेस विधायक अरुण यादव ने कहा कि “वंदे मातरम्” के कुछ शब्दों को लेकर पहले भी आपत्तियां जताई गई हैं। उनका कहना था कि इस विषय पर संवाद और चर्चा की जरूरत है, ताकि किसी भी वर्ग की भावनाएं आहत न हों।
पूरे गीत के पाठ की तैयारी सरकार के निर्देशों के अनुसार कुछ स्थानों पर “वंदे मातरम्” के पूर्ण संस्करण के पाठ की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही कार्यक्रमों में इसके गायन की व्यवस्था भी की जाएगी। प्रदेश में “वंदे मातरम्” को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
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