भोपाल
भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) भोपाल यूनिट इस बार भी नंबर वन की भूमिका में दिखाई दे रही है । वित्तीय वर्ष 2024—25 में बेहतर परफारमेंस के बाद वित्तीय वर्ष 2025—26 में भी टारगेट से ज्यादा उत्पादन करने में पीछे नहीं है वहीं कैश कलेक्शन में भी रिकार्ड बनाने जा रही है । अकेला ट्रांसफार्मर ब्लाक भी रिकार्ड टर्नओवर कर पहले पायदान पर बना हुआ है रही बात ईएम और ट्रेक्शन मोटर ब्लाक की तो वह नंबर दो और तीन के लिये मशक्कत कर रही है । कारखाने के थर्मल और हाईड्रो ब्लाक आर्डर की कमी के चलते बेहतर परफारमेंस नहीं दिखा पा रहे हैं । फिर भी यूनिट नंबर वन की स्थिति के लिये संघर्ष कर रही है । यूनिट का टाउनशिप विभाग भी राजस्व वसूली में अव्वल दिखाई दे रहा है । कर्मचारी टारगेट को पाने के लिये मार्च के आखिरी माह में दिन—रात मेहनत कर भेल के मुखिया का साथ निभा रहे हैं ।
जानकार सूत्रों के मुताबिक पिछले तीन तिमाही में इस यूनिट ने बेहतर काम करते हुये टारगेट को बढ़ाये रखा और आखिरी यानी चौथे तीमाही में जनवरी,फरवरी और मार्च तक 4000 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर कर दिखाया । हालांकि दिल्ली कारपोरेट ने 4400 करोड़ का टारगेट दिया । सूत्र बताते हैं कि 31 मार्च तक कारखाने में करीब 4500 करोड़ से ज्यादा का टर्नओवर हो सकता है । इसी तरह कैश कलेक्शन भी करीब 4500 करोड़ का माना जा रहा है । भेल के मुखिया ने शुरूआती दौर से ही टारगेट पर नजर रखना शुरू कर दी थी यही कारण है कि कारखाने में उत्पादन ठीक—ठाक चलता रहा । सूत्र बताते हैं कि अकेला ट्रांसफार्मर ब्लाक करीब 1600 करोड़ टर्नओवर पूरा कर नंबर वन पोजिशन पर बना हुआ है । दूसरी नंबर पर ईएम ब्लाक को करीब 900 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है वहीं ट्रेक्शन मोटर ब्लाक करीब 745 करोड़,थर्मल 650 करोड़,हाईड्रो 550 करोड़,फीडर्स 55 करोड़ के करीब पहुंचने की संभावना है । फिलहाल वित्तीय वर्ष समाप्ति में 12 दिन बाकी है । इस यूनिट को शीर्ष पर बनें रहने के लिये और भी मशक्कत करनी पड़ेगी । कंपनी की त्रिची और भोपाल यूनिट ही ऐसी यूनिट हैं जो नंबर वन और नंबर दो बनें रहने के लिये काम कर रही हैं । संभवत: इन्हीं दोनों यूनिट से बेहतर प्राफिट की उम्मींद की जा सकती है जो कंपनी के लिये फायदेमंद रहेगी । इधर खबर यह भी है कि भेल टाउनशिप 32 करोड़ से ज्यादा का राजस्व वसूली कर सकता है ।
