भोपाल
सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड में केंद्र सरकार द्वारा 5 प्रतिशत शासकीय हिस्सेदारी बेचने (विनिवेश) के निर्णय के विरोध में कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। शनिवार को हेवू भारतीय मजदूर संघ द्वारा चरणबद्ध आंदोलन के दूसरे चरण में बीएचईएल भोपाल के फाउंड्री गेट क्रमांक-5 (क्रांति स्थल) पर विशाल विरोध प्रदर्शन किया गया। सरकार की नीति पर कड़ा प्रहार कार्यकारी अध्यक्ष संजय चौधरी एवं महामंत्री कमलेश नागपुरे के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में सैंकड़ों की संख्या में श्रमिक और पदाधिकारी शामिल हुए।
“बीएचईएल बचाओ – देश बचाओ” के गगनभेदी नारों के बीच वक्ताओं ने सरकार की विनिवेश नीति को राष्ट्रहित के विपरीत बताया। नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि बीएचईएल केवल एक कंपनी नहीं, बल्कि राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा और ‘आत्मनिर्भर भारत’ का आधार स्तंभ है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस उपक्रम का निजीकरण करना देश के औद्योगिक ढांचे को कमजोर करने जैसा है। गौरतलब है कि यह विरोध प्रदर्शन केवल भोपाल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देशभर की विभिन्न बीएचईएल इकाइयों में एक साथ आयोजित किया गया। ।
हेवू भारतीय मजदूर संघ ने केंद्र सरकार से मांग की है कि सार्वजनिक उपक्रमों को बेचने के बजाय उन्हें सुदृढ़ और संरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 5 प्रतिशत विनिवेश का निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण करेगा। प्रदर्शन में संघ के पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य एवं बड़ी संख्या में जागरूक कर्मचारी उपस्थित रहे।
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