भोपाल
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लाभार्थियों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। सितंबर 2023 में प्रदेश में जहां 131.07 लाख लाड़ली बहनें थीं, वहीं जनवरी 2026 तक यह संख्या घटकर 124.78 लाख रह गई। यानी 27 महीनों में 6.28 लाख महिलाओं के नाम सूची से कम हो गए। यह जानकारी महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने विधानसभा में कांग्रेस विधायकों के सवालों के लिखित जवाब में दी। योजना की शुरुआत में कुल पंजीयन 1 करोड़ 31 लाख 6 हजार 525 था, जो अब घटकर 1 करोड़ 25 लाख 29 हजार 51 रह गया है। सरकार के अनुसार, 60 वर्ष से अधिक आयु पूरी करने के कारण कई महिलाओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। जिलों के आंकड़ों पर उठे सवाल कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने देवास और शाजापुर जिलों में जून से अगस्त 2024 के बीच लाभार्थियों की संख्या बढ़ने का मुद्दा उठाया। उनका सवाल था कि जब 10 अगस्त 2023 के बाद कोई नया पंजीयन नहीं हुआ, तो संख्या में वृद्धि कैसे दर्ज हुई? मंत्री ने अपने लिखित जवाब में नए पंजीयन से साफ इनकार किया।
नए पंजीयन और राशि वृद्धि का प्रस्ताव नहीं मंत्री भूरिया ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में नए पंजीयन शुरू करने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। योजना की राशि बढ़ाने संबंधी भी कोई प्रस्ताव दर्ज नहीं है।
ढाई साल में 21 से 23 वर्ष आयु वर्ग की 1.88 लाख लाड़ली बहनों की संख्या घटकर शून्य हो गई है।
सदन में हंगामा, कांग्रेस का वॉकआउट कांग्रेस विधायक महेश परमार ने कहा कि 25 लाख बेटियां 21 वर्ष की आयु पार कर चुकी हैं, लेकिन उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल रहा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जवाब में कहा कि योजना की राशि ढाई साल में बढ़कर 1500 रुपये हो चुकी है और 2028 तक इसे 3 हजार रुपये करने का लक्ष्य है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सवाल किया कि जो महिलाएं 21 वर्ष की होकर पात्र हो रही हैं, उनके नए पंजीयन कब से होंगे। मुख्यमंत्री ने जवाब में कहा, “चिंता मत करो, सब होगा।” सरकार से स्पष्ट समयसीमा नहीं मिलने पर कांग्रेस के सभी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
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