भोपाल।
मंगलवार को देश के 14 मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय श्रमिक संगठनों के संयुक्त मंच कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ सेंट्रल ट्रेड यूनियन (कंसेंट) की राष्ट्रीय वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष हिरण्मय पंड्या ने की, जिसमें देश की प्रमुख संगठनों के शीर्ष प्रतिनिधियों ने भाग लिया और हाल ही में देश में लागू हुए चारों नए श्रम संहिताओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। बैठक का संचालन बीएमएस के महामंत्री रविन्द्र हिमते एवं कंसेंट के राष्ट्रीय संयोजक एवं एनएफआईटीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दीपक जायसवाल ने किया साथ ही बीएमएस के अखिल भारतीय संगठन मंत्री बी.सुरेन्द्रन ने सभी संगठन के प्रतिनिधियों को एक्शन प्लान के बारे में मार्गदर्शन दिया.
बैठक में मुख्या रूप से बीएमएस तथा एनएफआईटीयू के प्रतिनिधियों के साथ-साथ टीयूसीसी. के महासचिव एसपीतिवारी, हचएमकेपी से राकेशमणि पाण्डेय, एआईबीईयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनारायण गिरी, फॉरवर्ड सीमेंस यूनियन ऑफ़ इंडिया के महासचिव कैप्टेन अतुल इंदुरकर, एचएमकेयू के महासचिव इन्द्रदेव मेहतो, आईएनटीयूसी के महासचिव केके तिवारी एवं सचिव रजनीश सेठ, ई-श्रम कौंसिल ऑफ़ इंडिया के सचिव शरत नाहक, कश्मीर लेबर यूनियन के अध्यक्ष मो. अशरफ गनी, भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक यूनियन के महासचिव से डॉ. परिमल कान्ति मोंडल, नेशनल फेडरेशन ऑफ़ फिशरी वर्कर्स के महासचिव एन बालामुरुगन, फाइट फॉर राईट के संयोजक एडवोकेट उमंग बंसल, एनएफआईटीयू के महासचिव डॉ. विराट जायसवाल, सचिव सुनील कुमार और राकेश मालवीय उपस्थित रहे।सभी 14 श्रमिक संगठनों ने एकमत होकर कहा कि चारों नए “लेबर कोड” (Labour Codes) का लागू होना देश के श्रमिक वर्ग के लिए एक ऐतिहासिक, परिवर्तनकारी और अत्यंत आवश्यक सुधार है।
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