भोपाल।
राजधानी भोपाल के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र में दर्ज तीन साल पुराने हनी ट्रैप मामले में अदालत ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया। मामले में शामिल स्पोर्ट्स कोच मनोज सिंह को फंसाने के आरोप में पकड़े गए पाँचों आरोपियों को 5-5 साल के कठोर कारावास और दंड की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए कहा कि ऐसे मामलों से समाज में भय और अविश्वास फैलता है, इसलिए कठोर दंड आवश्यक है।
घटना वर्ष 2021 की है, जब स्पोर्ट्स कोच मनोज सिंह को एक महिला के ज़रिए फँसाने की कोशिश की गई थी। आरोपियों ने कोच को पहले जाल में फंसाया और फिर आपत्तिजनक वीडियो दिखाकर उससे लाखों रुपये की मांग की। कोच के विरोध करने पर आरोपियों ने धमकी देकर उससे 15 लाख रुपये की मांग की। कोच ने इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई, जिसके बाद जांच शुरू हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि पाँचों आरोपी एक संगठित गिरोह की तरह काम करते थे। महिला आरोपी ने कोच को अपने फ्लैट पर बुलाया और अन्य आरोपी वहाँ पहले से मौजूद थे। उन्होंने मिलकर कोच को धमकाया, वीडियो दिखाया और पैसे की जबरन उगाही की कोशिश की।
Read Also: बीएचईएल में गुणता माह समापन समारोह आयोजित
कोच ने 47 हजार रुपये तत्काल दिए, इसके बाद 2 लाख रुपये और देने को मजबूर हुए। जब आरोपियों की मांग लगातार बढ़ती गई, तब पीड़ित ने पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। अभियोजन पक्ष ने अदालत में पुख्ता सबूत पेश किए धमकी भरी कॉल रिकॉर्डिंग,घटना स्थल से बरामद वीडियो,बैंक लेनदेन से जुड़े दस्तावेज,गवाहों के बयान अदालत ने माना कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से पीड़ित को फँसाया और उससे अवैध वसूली की कोशिश की।
