भोपाल।
प्रदेश में भविष्य की बिजली जरूरतें पूरी करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार निजी क्षेत्र से बड़े पैमाने पर बिजली खरीदने जा रही है। राज्य सरकार ने ऊर्जा विभाग की सिफारिश पर अडानी पावर सहित तीन निजी कंपनियों से 25 वर्षों तक बिजली खरीदने का करार अंतिम चरण में पहुँच गया है। इन कंपनियों द्वारा कुल 800 मेगावॉट बिजली राज्य को उपलब्ध कराई जाएगी। बिजली खरीद दर होगी 5.83 रुपये प्रति यूनिट सरकारी सूत्रों के अनुसार, इन कंपनियों से बिजली खरीदने के लिए 5.83 रुपये प्रति यूनिट की दर पर सहमति बनी है। यह दर मौजूदा बाजार दरों के अनुरूप बताई जा रही है। उर्जा विभाग का कहना है कि आने वाले वर्षों में मांग बढ़ेगी, इसलिए दीर्घकालिक करार राज्य को ऊर्जा संकट से बचाने में मदद करेगा। इन कंपनियों से खरीदी जाएगी बिजली प्रदेश सरकार जिन तीन निजी कंपनियों से करार कर रही है, उनमें अडानी पावर,एस्सार पावर,जेएसडब्ल्यू एनर्जी,शामिल हैं।
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ये कंपनियाँ थर्मल प्लांटों के जरिए बिजली उपलब्ध कराएँगी। राज्य सरकार ने पहले भी निजी कंपनियों से ऊर्जा खरीदने का करार किया है, लेकिन यह अब तक के सबसे बड़े दीर्घकालिक करारों में से एक है। विपक्ष ने इस करार पर सवाल उठाते हुए कहा है कि राज्य सरकार को बिजली महँगी खरीदने के बजाय अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। विपक्ष का आरोप है कि सरकार निजी कंपनियों के पक्ष में फैसले ले रही है जिससे राज्य पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। हालाँकि उर्जा विभाग ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि 5.83 रुपये की दर बिल्कुल व्यावहारिक है और इससे उपभोक्ताओं पर भार नहीं पड़ेगा। विभाग के अनुसार, देशभर में बिजली खरीद की औसत दर लगभग यही है।
