भोपाल
मध्य प्रदेश में बढ़ते स्नेक बाइट के मामले चिंता का विषय बन गए है। स्टेट वाइल्ड लाइफ के बोर्ड मेंबर मुकेश इंग्ले के अनुसार हर साल प्रदेश में 2000 मौत हो रही है। इन मौतों के पीछे की सबसे बड़ी वजह लोगों में जागरूकता की कमी, सांप के काटते ही सही समय पर ट्रीटमेंट नहीं मिल पाना और अन्य कई कारण है। मध्य प्रदेश सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है। सर्प अनुसंधान संगठन के माध्यम से एक खास कार्यशाला का आयोजन शुरू करवाया है। सर्प अनुसंधान संगठन के माध्यम से प्रदेश के टॉप 10 जिलों को चुना गया है। यहां प्रत्येक जिले के सीएचओ, एएनएम स्कूली छात्र छात्राएं शिक्षक, किसान, पंचायत कर्मियों को सांप के बारे में निशुल्क ट्रेनिंग दी जा रही है।
स्टेट वाइल्ड लाइफ के बोर्ड मेंबर मुकेश इंग्ले ने बताया कि स्नेक बाइट केस में टॉप 10 शहरों में सागर, रीवा, कटनी, दमोह, छिंदवाड़ा, ग्वालियर, उज्जैन, बुरहानपुर, नीमच, हरदा शामिल है। इसके अलावा भी जिले हैं, जिनमें केस कम है। वहां भी टॉप 10 के बाद कार्य किए जाएंगे। मध्य प्रदेश सरकार सर्प अनुसंधान संगठन के माध्यम से सरकार आगामी 3 साल में स्नेक बाइट मुक्त प्रदेश बनाने की तैयारी में जुटी है। उज्जैन से इसकी शुरुआत की गई है। मुकेश इंग्ले ने बताया कि 7 दिन की सीएचओ और एएनएम को ट्रेनिंग दी गई है।
इसमें उन्हें सिखाया गया है कि स्नेक बाइट से पीड़ित व्यक्ति के आने पर उसका फर्स्टएड कैसे करना है। उसके घाव को देख कर कैसे पहचाने की कौन से सांप ने उसको काटा है। आप कैसे तय करेंगे कि किसको कैसा ट्रीटमेंट देना है कौन सी मेडिसिन होगी तमाम जानकारी दी गई। नवंबर माह में स्कूली बच्चों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें पहले चरण में उज्जैन के तमाम सरकारी स्कूलों के कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं तक के छात्र छात्राओं को सुबह 10 बजे से दोपहर 03 बजे तक ट्रेनिंग दी जा रही है।
