भोपाल. राजधानी के भेल दशहरा मैदान पर चल रहे भोजपाल महोत्सव मेला में शुक्रवार को मेला देखने पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का भव्य आगवानी की। मेला समिति के अध्यक्ष सुनील यादव, संयोजक विकास वीरानी, महामंत्री हरीश कुमार राम और उपाध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी सहित पूरी टीम ने ढोल-ताशों के साथ पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। इस मौके पर भव्य अतिशबाजी की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्जवलन कर मंच पर चल रहे सांस्कृतिक कार्यक्रों की शुरुआत की। अध्यक्ष सुनील यादव, संयोजक विकास वीरानी ने शाल-श्रीफल, स्मृति चिह्न और त्रिशूल देकर उनका सम्मान किया। इस मौके पर महामंत्री हरीश कुमार राम, उपाध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी, महेंद्र नामदेव, अखिलेश नगर सहित मेला टीम मौजूद रही।
विभिन्न राज्यों से आए दुकानदारों से की चर्चा
मेला भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजा भोज की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। मेले में विभिन्न राज्यों से आए दुकानदारों के उत्पादों को देखा और उनसे चर्चा की। इस मौके पर दुकानदारों ने मुख्यमंत्री का गुलदस्ता भेंटकर स्वागत किया। भ्रमण के दौरान मेले में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और लोगों के कल्याण के लिए लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस सराहनीय पहल के लिए मेला समिति की तारीफ करते हुए आयोजन समिति को धन्यवाद दिया। इस दौरान मेले में आए नन्हे मुन्ने बच्चों को दुलारते हुए उनके साथ सेल्फी ली।
लोगों को जोडऩे की संस्कृति है मेला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मेला लोगों को जोडऩे की संस्कृति है। भोजपाल मेला समिति द्वारा राजा भोज की स्मृति में यहां 12 साल से मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले के माध्यम से लोगों को स्वदेशी सामानों के साथ देश भर के छोटे- छोटे व्यापारियों को एक बेहतर मंच मिल रहा है। मेला समिति इस तरह के आयोजन कर लोगों के मनोरंजन और आनंद में सहभागी बन रही है। यह मेला दिनों दिन बढ़ता रहे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने स्वदेशी मिट्टी की पानी की बाटल खरीदी और गराढ़ू खरीद कर खाया और खुद उसका भुगतान किया।
घायलों की जान बचाने वाले को 25 हजार का ईनाम
मुख्यमंत्री ने सरकार की योजनाओं की जानकारी देते हुए राहगीर योजना का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस ने डरने की जरूरत नहीं है। किसी की जान बचाना मानव कतव्र्य है, ऐसे में कहीं सडक़ दुघर्टना होने पर घायलों की मदद कर उन्हें अस्पताल पहुंचा कर उनकी जान बचाने पर सरकार ऐसे मददगारों को योजना के तहत 25 हजार रुपए का ईनाम देगी। घायलों की जान बचाने में सरकार पूरी मदद करेगी।
मेला अध्यक्ष ने रखा प्रस्ताव
भोजपाल महोत्सव मेला समिति के अध्यक्ष सुनील यादव ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखते हुए कहा कि मेला समिति मेले के साथ ही मटकी फोड़ प्रतियोगिता, गरबा महोत्सव, दशहरा उत्सव का आयोजन करती आ रही है। मेला अध्यक्ष ने सीएम से आग्रह किया कि आपका आतिथ्य और आशीर्वाद मिलो तो समिति मकर संक्रांति पर पतंग उत्सव का आयोजन करवाना चाहती है। करवाना चाहते हैं।
सूफी गीतों और नृत्यों से बांधा समां
मेला मंच पर आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में सूफी गायन और अलग- अलग गु्रपों द्वारा दी गई मनमोहक प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया। सूफी गायन में सुरआस्त्र सूफी बैंड के अभिषेक बरथरे ने दिल विच तेरा प्यार बसा के, कितना सोना तेनू रब ने बनाया, इश्क की साजिश, इश्क ये तू ने क्या किया, ये मोह मोह के धागे, जिंदगी भूल जानी पड़ेगी, मोहब्बत की राहों में आकर तो देखो, तेरी दीवानी, छाप तिलक मोहे दीन्ही रे मो से नैना मिलाया के, ये री सखी मंगल गाओ के साथ एक से बढकऱ एक सूफी गीतों की प्रस्तुति दी।
मेला टीम के नायक, संभाल रहे व्यवस्था
मेला टीम के सदस्य मेले की पूरी व्यवस्था संभाल रहे हैं। इनमें विनय कुमार, मो. जाहिद खान, सुनील शाह, मधु भवनानी, केश कुमार, चंदन वर्मा, दीपक शर्मा, गोपाल शर्मा, भूपेंद्र सिंह, मो. रेहान खान, दीपक बैरागी, देंवेंद्र चौकसे, सुनील वैष्णव, गौरव जैन, संदीप सहित मेला समिति से जुड़े अन्य लोग शामिल हैं।
