भोपाल।
इंदौर में दूषित पानी के सेवन से हुई मौतों को लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। एक ओर जहां विपक्ष ने मंत्री के बयान को असंवेदनशील बताया है, वहीं राजधानी भोपाल में महिला कांग्रेस ने मंत्री के सरकारी निवास का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता हाथों में घंटियां लेकर मंत्री के निवास पहुंचीं और घंटी बजाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और उनके इस्तीफे की मांग उठाई गई। प्रदर्शन में कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना भी शामिल हुए। महिला कांग्रेस नेत्रियों ने मंत्री की फोटो पर जूते-चप्पल भी बरसाए।
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि इंदौर जैसी गंभीर घटना पर इस तरह का बयान यह दर्शाता है कि भाजपा नेता सत्ता के नशे में मदमस्त हो गए हैं। उन्होंने मांग की कि मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए और मंत्री से तत्काल इस्तीफा लिया जाए। जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष संतोष कंसाना ने कहा कि यह प्रदर्शन मंत्री के गैर-जिम्मेदाराना और असंवेदनशील बयान के विरोध में किया गया है। ऐसे संवेदनशील मामले में इस तरह की टिप्पणी पीड़ित परिवारों के दर्द का अपमान है।
गौरतलब है कि इंदौर में दूषित पानी के कारण अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। इस घटना पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की कथित “घंटा” प्रतिक्रिया सामने आने के बाद विवाद और गहरा गया है। विपक्ष ने मंत्री के रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए कार्रवाई की मांग तेज कर दी है।
