भोपाल
मध्य प्रदेश की राजधानी स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) अब चिकित्सा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। किडनी और हार्ट ट्रांसप्लांट की सफलता के बाद अब एम्स भोपाल में जल्द ही ‘लंग ट्रांसप्लांट’ (फेफड़ा प्रत्यारोपण) की सुविधा शुरू होने जा रही है। इस जटिल सर्जरी की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए आगामी 28 मार्च 2026 को संस्थान में “लंग ट्रांसप्लांट- द रोड अहेड” विषय पर एक विशेष सिम्पोजियम (अकादमिक कार्यक्रम) आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में मुंबई के ग्लोबल हॉस्पिटल और देश के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों से विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम एम्स के डॉक्टरों को अत्याधुनिक सर्जिकल तकनीकों और ऑपरेशन के बाद की देखभाल का विशेष प्रशिक्षण देगी।
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एम्स भोपाल में अब तक 18 किडनी और 3 हार्ट ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं, जिसके बाद संस्थान का अगला लक्ष्य फेफड़ों के गंभीर मरीजों को राहत देना है। लंग ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने से पल्मोनरी फाइब्रोसिस, सीओपीडी और एंड-स्टेज लंग डिजीज से जूझ रहे मरीजों को इलाज के लिए अब दूसरे बड़े राज्यों या निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इस विशेष सिम्पोजियम में मुंबई से डॉ. ज्ञानेश ठक्कर, डॉ. शारन्या कुमार, डॉ. शारदा नगोटी और मैक्स अस्पताल से डॉ. अपार जिंदल जैसे विख्यात विशेषज्ञ शामिल होकर अपने अनुभव साझा करेंगे। एम्स की ओर से डॉ. अलकेश खुराना, डॉ. योगेश निवाड़िया सहित सर्जरी, एनेस्थीसिया और पल्मोनोलॉजी विभाग के कई वरिष्ठ चिकित्सक इस पूरी प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे।
