भोपाल। इजरायल-ईरान युद्ध के चलते बने वैश्विक संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ईंधन बचाने की अपील का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा अपने काफिले के लिए इलेक्ट्रिक कार खरीदे जाने के बाद अब भोपाल जिला पंचायत के उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट सोमवार को साइकिल से दफ्तर पहुंचे। उन्होंने बैरसिया रोड स्थित अपने पैतृक गांव कनेरा से भोपाल स्थित जिला पंचायत कार्यालय तक करीब 35 किलोमीटर की लंबी दूरी साइकिल चलाकर ढाई घंटे में पूरी की।
बुधवार को भी जिला पंचायत कार्यालय में उपाध्यक्ष जाट की इस अनूठी पहल की जमकर चर्चा रही, जहां जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि विनोद राजोरिया समेत अन्य साथियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और आगे से खुद भी सप्ताह में एक दिन साइकिल चलाने का संकल्प लिया। उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट ने बताया कि प्रधानमंत्री की अपील के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया है और अब वे हर सप्ताह कम से कम एक दिन साइकिल से ही दफ्तर आएंगे, जिससे न केवल पेट्रोल-डीजल जैसे कीमती ईंधन की बचत होगी बल्कि सेहत भी दुरुस्त रहेगी। हालांकि, इस सफर के पहले दिन उन्हें भीषण चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा।
सोमवार को राजधानी में पारा 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, और इस चिलचिलाती धूप में वे दोपहर 12 बजे अपने गांव से निकले थे और ढाई बजे जिला पंचायत पहुंचे। तेज गर्मी और लू के थपेड़ों के कारण उन्हें रास्ते में कुछ देर रुकना पड़ा और वे पानी की बोतल भी साथ लेकर चले थे, लेकिन उनका कहना है कि अब आदत होने के बाद दिक्कत नहीं होगी और वे गर्मी से बचने के लिए सुबह जल्दी ही गांव से निकला करेंगे।
गौरतलब है कि पिछले दिनों मप्र पाठ्य पुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर की नियुक्ति पर उज्जैन से भोपाल के बीच 700 गाड़ियों का काफिला निकालने के कारण देश भर में भाजपा की किरकिरी हुई थी, जिसके बाद दिल्ली केंद्रीय नेतृत्व से पड़ी कड़ी फटकार और संगठन की सख्ती के बाद अब मप्र के मंत्रियों, विधायकों और नेताओं में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। खुद मुख्यमंत्री ने भी अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या कम कर दी है और जिला पंचायत उपाध्यक्ष जाट, जो आमतौर पर सीएनजी कार का इस्तेमाल करते हैं, की इस पहल को अब अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए भी एक नजीर के रूप में देखा जा रहा है।
