भोपाल। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संस्थापक सदस्य एवं पूर्व राज्यसभा सांसद स्वर्गीय कैलाश सारंग की जयंती मंगलवार को भोपाल सहित पूरे प्रदेश और देशभर में अत्यंत श्रद्धा और सेवा भाव के साथ मनाई गई। इस विशेष अवसर को “मातृ-पितृ भक्ति दिवस” के रूप में समर्पित करते हुए विभिन्न सामाजिक और सेवा कार्यों का आयोजन किया गया, जिसमें आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की भारी भागीदारी देखने को मिली।
इस उपलक्ष्य में राजधानी के प्रभात चौराहे पर मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश के खेल, सहकारिता एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने मुख्य रूप से शिरकत की। मंत्री सारंग ने कार्यक्रम में उपस्थित वृद्धजनों का विशेष सम्मान करते हुए उनके पांव पखारकर और आरती उतारकर उनका आशीर्वाद लिया। इस भावुक क्षण के दौरान उन्होंने कहा कि समाज में रहने वाले प्रत्येक बुजुर्ग उनके लिए माता-पिता के समान आदरणीय हैं और समाज के वरिष्ठजनों का सम्मान व देखभाल करना हर नागरिक का परम कर्तव्य है।

मंत्री विश्वास सारंग ने इस दौरान बताया कि वे पिछले कई वर्षों से लगातार इस “मातृ-पितृ भक्ति दिवस” का गरिमामयी आयोजन करते आ रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी और समाज में बुजुर्गों के प्रति आदर, सम्मान और सेवा के संस्कारों को और अधिक मजबूत करना है। इस भव्य आयोजन का असर सोशल मीडिया पर भी व्यापक रूप से देखा गया, जहां माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर सारंग_मातृ_पितृ_भक्ति_दिवस हैशटैग कई घंटों तक पूरे देश में शीर्ष पर ट्रेंड करता रहा। इसके अलावा, कैलाश सारंग की जयंती के मौके पर देशव्यापी स्तर पर कायस्थ समाज द्वारा भी कई तरह के सेवा कार्यों का संपादन किया गया।
राजधानी भोपाल में स्वर्गीय कैलाश सारंग के समर्थकों द्वारा चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी को देखते हुए जगह-जगह राहगीरों के लिए शीतल शरबत वितरण, जरूरतमंदों की सहायता तथा अन्य सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। विशेष रूप से नरेला विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में व्यापक स्तर पर मातृ-पितृ भक्ति दिवस और वृद्धजन सम्मान समारोह आयोजित किए गए। इन समारोहों में बुजुर्गों ने अपने जीवन के संस्मरण और अनुभव साझा किए। पूरे आयोजन के दौरान सेवा, संस्कार और सम्मान की त्रिवेणी स्पष्ट रूप से दिखाई दी, जिसने स्वर्गीय कैलाश सारंग के जीवन मूल्यों और उनकी जनसेवा की विरासत को एक बार फिर जीवंत कर दिया।
