भोपाल। ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध का असर घूमने जाने वाले पर्यटकों पर भी दिखने लगा है। युद्ध के कारण पर्यटकों को अपने प्लान कैंसल करने पड़ रहे हैं। मध्य प्रदेश के 5 हजार से ज्यादा लोगों ने अपने यूएई के टूर रद्द कर दिए हैं। इंटरनेशनल में फिलहाल सबसे ज्यादा बुकिंग फिलीपींस की है।
55 से 60 प्रतिशत लोगों ने अपने इंटरनेशनल टूर को डोमेस्टिक टूर में कन्वर्ट करा लिया है। इनमें इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर के पर्यटक शामिल हैं। डोमेस्टिक में पर्यटक सबसे ज्यादा काजीरंगा जाना पसंद कर रहे हैं, जबकि एमपी की बात करें तो सतपुड़ा लोगों की पहली पसंद है। इस बार युद्ध के कारण पैकेज बुकिंग में करीब 70 प्रतिशत की गिरावट आई है। ट्रैवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष अमोल कटारिया ने बताया कि मई और जून समर वेकेशन के महीने होते हैं। इस दौरान पर्यटक दो से तीन महीने पहले ही प्लान बनाना शुरू कर देते हैं।
इस बार भी एमपी के पर्यटकों ने जनवरी से प्लानिंग शुरू कर दी थी। फरवरी से बुकिंग शुरू हो गई थी, लेकिन ईरान युद्ध ने पूरी इंडस्ट्री का परिदृश्य बदल दिया। युद्ध के कारण एमपी के 5 हजार लोगों ने यूएई के टूर रद्द कराकर अपना पेमेंट रिफंड ले लिया है।
25 करोड़ का ट्रैवल नुकसान संभावित
ट्रैवल एजेंट्स के अनुसार, मिडिल ईस्ट के लिए औसत टूर पैकेज 50 से 60 हजार रुपए प्रति व्यक्ति होता है। यदि 50 हजार रुपए औसत और 5 हजार यात्रियों का अनुमान लगाया जाए तो करीब 25 करोड़ रुपए के संभावित ट्रैवल कारोबार का नुकसान हुआ है। हालांकि, 55 से 60 प्रतिशत पर्यटकों ने अपने टूर डोमेस्टिक करा लिए हैं।

हॉलि-डे पैकेज सीधे पोस्टपोन
ट्रैवल एजेंटों ने बताया कि अप्रैल के अंत से उनका सीजन शुरू हो जाता है। स्कूलों की छुट्टियां शुरू होते ही लोग ट्रैवल करना शुरू कर देते हैं। मई और जून में ट्रैवल का ट्रेंड बढ़ जाता है। समर सीजन के दौरान बड़ी संख्या में लोग घूमने जाते हैं, लेकिन इस बार सीजन में काफी नुकसान हुआ है।
यूएई के साथ ही ओमान, बाकू और यूरोप के हॉलि-डे पैकेज सीधे कैंसल हो गए हैं। युद्ध को देखते हुए लोग फिलहाल गल्फ और यूरोपीय देशों के लिए नई बुकिंग भी नहीं करा रहे हैं। होटल ऑक्यूपेंसी में भी गिरावट दर्ज की गई है।
सबसे ज्यादा संकट यूरोप-यूएई जाने वाले टूरिस्ट पर
ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह जादौन ने बताया कि एमपी में इंटरनेशनल टूरिज्म की बुकिंग पर बड़ा असर पड़ा है। सबसे ज्यादा असर यूएई को लेकर देखा गया है। यूरोप और उससे आगे जाने वाले पर्यटकों ने भी अपने प्लान कैंसल कर दिए हैं।
वॉर के कारण सबसे ज्यादा संकट यूरोप, यूएई और यूरोप के रास्ते अमेरिका या कनाडा के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट लेने वाले यात्रियों को हो रहा है।
वहीं, एमपी से लोग अब इंटरनेशनल ट्रैवल में जापान, कोरिया और फिलीपींस जैसे देशों की ओर रुख कर रहे हैं। डोमेस्टिक टूरिज्म में इस साल सबसे ज्यादा बुकिंग उत्तर भारत, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, ऊटी और केरल के लिए देखी जा रही है।
पैकेज 15 से 25 प्रतिशत तक महंगे
जादौन ने बताया कि एयरफेयर में बढ़ोतरी और युद्ध जैसे हालात के कारण टूर पैकेज 15 से 25 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं। वहीं, अन्य ट्रैवल एजेंट्स का कहना है कि इंडस्ट्री पूरी तरह से स्लोडाउन की ओर बढ़ रही है।
जादौन का कहना है कि यदि जियोपॉलिटिकल तनाव अगले एक महीने तक जारी रहता है तो इंटरनेशनल टूरिज्म में और गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि, ट्रैवल सेक्टर को उम्मीद है कि जैसे ही वैश्विक हालात सामान्य होंगे, यात्रा की मांग तेजी से वापस लौटेगी। वहीं, कुछ सामान्य टूर पैकेज में 10 से 15 हजार रुपए तक की गिरावट भी देखने को मिली है।
