भोपाल।
रायसेन रोड स्थित जागृत एवं दर्शनीय तीर्थ स्थल दादाजी धाम मंदिर में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी वसंत पंचमी का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण में मनाया जाएगा। 23 जनवरी को वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर पूज्य बागेश्वर धाम सरकार के अति प्रिय पं. रोहित रिछारिया आचार्य के सान्निध्य में संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन बागेश्वर धाम मातृ शक्ति मंडल, भोपाल, दादाजी धाम परिवार तथा सिद्धार्थ लेक सिटी, वर्धमान सिटी एवं पटेल नगर के श्रद्धालु भक्तों के सहयोग से दोपहर 2 बजे से प्रारंभ होगा। इस अवसर पर ज्ञान, विद्या, कला एवं संगीत की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी।
विशेष रूप से चारों वेद एवं 18 पुराणों का पूजन विद्यार्थियों, विद्यालय एवं महाविद्यालय के छात्रों तथा श्रद्धालु भक्तों द्वारा वैदिक विधि-विधान से संपन्न कराया जाएगा। पूजन में सम्मिलित 18 पुराणों में ब्रह्म, पद्म, विष्णु, शिव (वायु/लिंग), श्रीमद्भागवत, नारद, मार्कण्डेय, अग्नि, भविष्य, ब्रह्मवैवर्त, लिंग, वराह, स्कंद, वामन, कूर्म, मत्स्य, गरुड़ एवं ब्रह्माण्ड पुराण शामिल हैं। श्री श्री 1008 श्री दादाजी गुरुदेव चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष शिवरतन नामदेव एवं ट्रस्टियों ने बताया कि वसंत पंचमी माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। यह पर्व वसंत ऋतु के आगमन के साथ ज्ञान, चेतना एवं सद्बुद्धि के जागरण का प्रतीक है।
Read Also: महंगाई भत्ते से वंचित होने पर जताया आक्रोश कर्मचारियों का प्रदर्शन
उन्होंने बताया कि माँ सरस्वती को वीणा धारण करने वाली, श्वेत वस्त्रों से सुशोभित एवं हंस पर विराजमान देवी के रूप में पूजा जाता है। उनकी आराधना से विद्या, बुद्धि, स्मरण शक्ति एवं वाणी की मधुरता का विकास होता है। वसंत पंचमी का दिन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से शुभ माना गया है, इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ आशीर्वाद प्राप्त करने दादाजी धाम मंदिर पहुँचते हैं।
