भोपाल। डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाते हुए सरकार ने आगामी जनगणना के लिए ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) की सुविधा शुरू की है। अब नागरिकों को जनगणना के लिए केवल प्रगणक (Enumerator) के भरोसे नहीं रहना होगा, बल्कि वे स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार का विवरण दर्ज कर सकेंगे। प्रशासन ने इसके लिए एक विस्तृत गाइडलाइन और फ्लो चार्ट जारी किया है।
चार चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया
नागरिकों को सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर अपने राज्य और मोबाइल नंबर के जरिए पंजीकरण करना होगा। ध्यान रहे कि परिवार के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर बाद में बदला नहीं जा सकेगा।
सत्यापन और स्थान चयन
मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी (OTP) के जरिए सत्यापन करने के बाद, मानचित्र (Map) पर अपने निवास स्थान की सटीक लोकेशन चिन्हित करनी होगी। डेटा प्रविष्टि इसके बाद मकान सूचीकरण और गणना से जुड़ी विस्तृत प्रश्नावली भरनी होगी। डेटा सबमिट करने के बाद एक 11 अंकों की विशिष्ट स्व-गणना पहचान संख्या (SE ID) जनरेट होगी, जो “H” अक्षर से शुरू होगी।
क्षेत्रीय सत्यापन जब जनगणना प्रगणक आपके घर आएंगे, तो उन्हें केवल अपनी SE ID दिखानी होगी। यदि आईडी का मिलान पोर्टल के रिकॉर्ड से हो जाता है, तो आपकी गणना प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी। सावधानी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एक मोबाइल नंबर का उपयोग केवल एक परिवार के पंजीकरण के लिए ही किया जा सकता है।
अंतिम रूप से डेटा सबमिट करने के बाद इसमें कोई संशोधन संभव नहीं होगा, इसलिए सबमिट करने से पहले ‘प्रिव्यू’ विकल्प का उपयोग कर जानकारी की जांच अवश्य कर लें। इस नई व्यवस्था से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि डेटा की सटीकता भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
