भोपाल। मप्र में प्री-मानसून की गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है, जिससे प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी से तो राहत मिली है लेकिन जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। राजधानी भोपाल में गुरुवार शाम को मौसम ने अचानक करवट ली और करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने के साथ ही तेज बारिश शुरू हो गई। इस चक्रवाती अंधड़ के कारण शहर के न्यू मार्केट इलाके में ओले भी गिरे। तेज हवाओं और बारिश की वजह से शहर में विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम हो गई।
आंधी का असर इस कदर रहा कि राजधानी के 200 से अधिक स्थानों पर विशालकाय पेड़ और उनकी भारी-भरकम टहनियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं। लिंक रोड नंबर-1 पर कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग के बंगले के सामने, प्रोफेसर कॉलोनी, पॉलीटेक्निक चौराहा, लिंक रोड-2 व 3, कोलार रोड, अवधपुरी और तुलसीनगर जैसे प्रमुख मार्गों पर पेड़ गिरने से लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिसे साफ करने के लिए प्रशासन की टीमें देर रात तक मशक्कत करती रहीं। इस प्राकृतिक आपदा से शहर की बिजली व्यवस्था को भी करारा झटका लगा है। आंधी और पेड़ों के गिरने के कारण भोपाल के करीब 300 बिजली फीडर पूर्ण या आंशिक रूप से बंद हो गए, जिससे शहर का एक बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूब गया।
कई इलाकों में बिजली के खंभे और तार टूटने से विद्युत ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की टीमों को अलर्ट पर रखकर युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कराया गया है। केवल भोपाल ही नहीं, बल्कि पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 29 जिलों में आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान श्योपुर जिले में सबसे ज्यादा पौने दो इंच बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि नर्मदापुरम और राजगढ़ में भी अच्छी बौछारें पड़ीं। सीहोर के इछावर और शुजालपुर में झमाझम बारिश से मौसम सुहावना हो गया। वहीं, शाजापुर जिले में मौसम के उग्र रूप के कारण तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। शाजापुर के अकोदिया में बुडलाय-सलसलाई मार्ग पर एक बड़ा इमली का पेड़ चलते ऑटो पर गिर गया, जिससे ऑटो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि गनीमत रही कि इसमें सवार कोई भी यात्री हताहत नहीं हुआ।
