भोपाल। राजधानी भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान भोपाल के मेडिकल वार्ड में भर्ती एक रेबीज मरीज ने शुक्रवार रात खिड़की से छलांग लगा दी। जमीन पर गिरने से उसके दोनों हाथ और पैर टूट गए। अस्पताल में उपचार के दौरान कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
बागसेवनिया पुलिस के अनुसार मृतक कमल सिंह (24) इकोदिया गांव, थाना नटेरन का निवासी था। 5 मार्च को गांव में एक आवारा कुत्ते ने उसके दाहिने हाथ में काट लिया था। उस समय मामूली खून निकला, लेकिन युवक ने डॉक्टर से इलाज नहीं कराया और एंटी-रेबीज का इंजेक्शन भी नहीं लगवाया। कुछ समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। स्थानीय अस्पताल में जांच कराने पर डॉक्टरों ने बताया कि एंटी-रेबीज इंजेक्शन न लगवाने के कारण उसे रेबीज का संक्रमण हो गया है।
बीमारी बढ़ने पर वह असामान्य हरकतें करने लगा, कुत्तों की तरह भौंकता था और उसके मुंह से लगातार लार गिर रही थी। स्थिति गंभीर होने पर परिजनों ने 30 अप्रैल को उसे इलाज के लिए एम्स भोपाल में भर्ती कराया। उसे मेडिकल वार्ड के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया था। बताया जाता है कि शुक्रवार रात वह स्टाफ की नजर बचाकर खिड़की तक पहुंचा और पहली मंजिल से छलांग लगा दी। नीचे गिरने से उसके दोनों हाथ-पैर टूट गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
