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Wednesday, April 22, 2026
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‘स्कूल के लिए निकली मगर लौटी नहीं..’, दादा ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी, उज्जैन में रेप का शिकार बनी बच्ची की दर्दनाक दास्तां

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सतना/उज्जैन,

उज्जैन में 12 साल की बच्ची के रेप मामले की गुत्थी मध्य प्रदेश पुलिस सुलझाती जा रही है. एक तरफ उज्जैन पुलिस चार लोगों से पूछताछ के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में जुटी है, तो अब वहीं लावारिस हालात में मिली पीड़िता की पहचान भी हो गई है. सतना के जैतवारा थाने में घटना से एक दिन पहले ही इस बच्ची के गुम होने जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी.

सतना के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवेश सिंह बघेल ने बताया, उज्जैन में रेप का शिकार बनाई गई बच्ची मंदबुद्धि है. वह जिले के जैतवारा थाना इलाके के एक गांव में अपने दादा और खुद से तीन साल बड़े भाई के साथ रहती है. दादा बकरी चराने और मजदूरी का काम करते हैं. पीड़िता के पिता विक्षिप्त हैं. मां करीब 12 साल पहले ही घर को छोड़कर जा चुकी हैं.

एएसपी बघेल ने आगे बताया, एक फरियादी सतना जिले के थाना जैतवारा में 25 सितंबर को सुबह रिपोर्ट दर्ज कराने आए थे. ग्रामीण बुजुर्ग ने बताया कि उनकी पोती घर से यूनिफॉर्म पहनकर स्कूल के लिए निकली थी. गांव से स्कूल की दूरी करीब 1.5 किमी है. अमूमन शाम को 4-4:30 बजे तक वह घर लौट आती थी. लेकिन जब नहीं लौटी तो जैतवारा से लेकर सतना रेलवे स्टेशन पर पतासाजी की गई. रिश्ते नातेदरों के घर पर खोजा गया. बच्ची जब नहीं मिली तो अगले दिन सुबह थाना जैतवारा में जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने आईपीसी की धारा 363 के तहत केस दर्ज किया. इसके बाद इश्तिहार जारी किया गया. प्रदेश के सभी पुलिस थानों में बच्ची की गुमशुदगी को नोटिफिकेशन भेजा गया. साथ ही पुलिस अधीक्षक ने गुमशुदा का पता बताने वाले को इनाम देने की भी घोषणा की. फिर मीडिया के माध्यम से घटना के बारे में पता चला. स्कूल ड्रेस में बच्ची का फोटो जैतवारा थाना प्रभारी के पास पहुंचा. उन्होंने गुमशुदगी दर्ज कराने आए फरियादी को बुलाया. बुजुर्ग ने फोटो में दिख रही बच्ची की पहचान अपनी पोती के रूप में की. बुजुर्ग ने बताया कि बच्ची स्कूल के लिए यही यूनिफॉर्म पहनकर निकली थी. इसके बाद पुलिस की एक टीम को उज्जैन के महाकाल थाने के लिए रवाना किया गया. इस मामले में अब आगे की कार्रवाई जारी है..

दरअसल, अभी तक 12 साल की रेप पीड़ित बच्ची का नाम और पता किसी को मालूम नहीं था. इसके पीछे पीड़िता की स्थानीय बोली आड़े आ रही थी. अभी तक अंदाजा लगाया जा रहा था कि नाबालिग शायद उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की बोली बोल रही है. हालांकि, अब पुलिस को अब उसका स्थानीय पता मिल गया है. बालिका की एक दिन पहले ही सतना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई थी. अब इस मामले में पांच लोगों से उज्जैन पुलिस पूछताछ रही है. यह लोग अलग अलग जगहों पर पीड़ित बालिका से मिले थे.

उज्जैन एसपी सचिन शर्मा ने बताया, उज्जैन की थाना महाकाल पुलिस को 25 सितंबर के दिन एक नाबालिग बच्ची के लावारिस हालात में भटकने की सूचना मिली थी. पुलिस ने तुरंत अस्पताल ले जाकर उसका मेडिकल कराया. चूंकि बच्ची यह बता पाने में सक्षम नहीं थी कि वह कहां की रहने वाली है, तो इसके लिए विशेष तौर पर काउंसलर को बुलाया गया. तब थोड़ी बहुत जानकारी मिली. मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि होने पर मामला दर्ज किया गया. इसके बाद एक एसआईटी गठित की गई. शहर के आसपास से तकनीकी साक्ष्य (सीसीटीवी फुटेज) इकट्ठे किए. फुटेज के आधार पर एक ऑटो चालक को अभिरक्षा में लिया गया. छानबीन करने पर उसकी ऑटो में खून के निशान पाए गए और पूछताछ के दौरान ड्राइवर ने बताया कि घटना की तारीख को बच्ची के साथ था.

बता दें कि उज्जैन के बड़नगर रोड पर दांडी आश्रम के पास एक 12 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी कर फेंक दिया गया था. जहां से वह पैदल ही अर्धनग्न अवस्था में इधर-उधर घूमती दिखाई दी. बच्ची की हालत गंभीर होने पर उसे अस्पताल में भर्ती किया गया और इंदौर के लिए रेफर किया गया. जहां उसका इलाज किया जा रहा है. इलाज के दौरान पुलिसवालों ने पीड़िता को खून भी दिया.

हालत खतरे से बाहर: गृह मंत्री
इससे पहले, मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि पीड़ित लड़की का इलाज जारी है और उसकी हालत खतरे से बाहर है. गृहमंत्री ने कहा,लड़की उज्जैन के बाहर के किसी क्षेत्र की प्रतीत हो रही है. चूंकि वह (घटना को लेकर) ठीक तरह से जवाब दे नहीं पा रही है. इसलिए विशेषज्ञों और काउंसलर की मदद से उससे बातचीत का प्रयास किया जा रहा है. बलात्कार की घटना को लेकर राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस के तीखे हमलों के बारे में पूछे जाने पर गृह मंत्री ने प्रतिप्रश्न किया,’क्या आपको कांग्रेस के प्रमाणपत्र की जरूरत होगी?’

कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को घेरा
इस बीच, मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रमुख कमलनाथ ने पीड़िता को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दी जाने की मांग की. कमलनाथ ने बुधवार को अपने आधिकारिक ‘X’ पर लिखा, ‘‘उज्जैन में एक छोटी बच्ची के साथ अत्यंत क्रूरतापूर्ण दुराचार का मामला देखकर रूह कांप गई. 12 साल की बेटी के साथ जिस तरह का दुष्कृत्य हुआ, उससे मानवता शर्मसार हो जाती है. ऐसी जघन्य घटना प्रशासन और समाज के माथे पर कलंक है.’’ पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में कानून का राज खत्म हो गया है और अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि जनता परेशान है.

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