बैरसिया। सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, विद्या विहार नरेला में आयोजित ‘आचार्य दक्षता वर्ग-2026’ के अंतर्गत एक विशेष संवाद सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित विद्या भारती मध्यभारत प्रांत के प्रांत संगठन मंत्री निखिलेश महेश्वरी ने “शिक्षा में जीवन मूल्य” विषय पर आचार्यों और प्रबुद्धजनों का मार्गदर्शन किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जहां विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में देश निरंतर प्रगति कर रहा है, वहीं जीवन मूल्यों का संरक्षण और संवर्धन भी उतना ही आवश्यक है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना या डिग्रियां हासिल करना नहीं है, बल्कि एक संस्कारवान, संवेदनशील और चरित्रवान व्यक्तित्व का निर्माण करना है। श्री महेश्वरी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक शिक्षा को भारतीय संस्कृति और सनातन जीवन मूल्यों से जोड़ना आज के समय की सबसे बड़ी मांग है। यदि हमारी शिक्षा व्यवस्था में संस्कारों का समावेश नहीं होगा, तो आने वाली पीढ़ी और समाज दिशाहीन हो जाएगा।
कार्यक्रम में कुंवर अर्जुन सिंह स्मृति न्यास के अध्यक्ष गोविंदराम गुर्जर, अर्जुन शिक्षा समिति के व्यवस्थापक दीपक दुबे, वर्ग संयोजक राम कुमार व्यास एवं विद्या विहार के प्राचार्य सुनील कुमार नागर सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं ने उपस्थित आचार्यों और विद्यार्थियों से भारतीय संस्कृति, अनुशासन, स्वावलंबन और राष्ट्रभक्ति के उच्च मूल्यों को अपने दैनिक जीवन में पूरी निष्ठा के साथ अपनाने का आह्वान किया।
