इंदौर,
मध्यप्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री विजय शाह के खिलाफ महू तहसील स्थित मानपुर थाने में FIR दर्ज कर ली गई है. यह कार्रवाई कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए विवादित बयान पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश के बाद की गई है.विजय शाह के खिलाफ यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता की तीन गंभीर धाराओं – धारा 152, 196(1)(b) और 197(1)(c) के अंतर्गत दर्ज की गई है. हालांकि मंत्री ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ आज यानि गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है.
मंत्री विजय शाह ने सेना की वरिष्ठ अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर एक बयान दिया था. विजय शाह ने एक सभा में कर्नल सोफिया कुरैशी का नाम लिए बिना पाकिस्तानी आतंकियों को लेकर कहा था कि ‘हमने उनकी बहन भेजकर उनकी ऐसी-तैसी करवाई.’
हाईकोर्ट की सख्ती
इस विवादित बयान को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया था. कोर्ट ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए बयान पर स्वतः संज्ञान लेते हुए 4 घंटे के भीतर विजय शाह के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया था.
जस्टिस अतुल श्रीधरन की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को आदेश देते हुए स्पष्ट किया कि विजय शाह पर तत्काल FIR दर्ज होनी चाहिए. अदालत ने इस मामले में राज्य के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह को भी सख्त निर्देश जारी किए हैं और कहा कि किसी भी स्थिति में FIR दर्ज होनी ही चाहिए.
सात साल तक की हो सकती है जेल
FIR में जिस धारा 152 BNS को शामिल किया गया है, वह भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कार्यों के खिलाफ है. इस धारा के अंतर्गत जीवनकाल तक की सजा या अधिकतम सात वर्ष की जेल हो सकती है. धारा 196(1)(b) के तहत यदि किसी व्यक्ति द्वारा धर्म, जाति, भाषा, या क्षेत्र के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी फैलाने का प्रयास होता है, तो उसे तीन साल तक की सजा या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं. वहीं धारा 197(1)(c) उन आरोपों से संबंधित है जो राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचा सकते हैं, विशेष रूप से यदि कोई वर्ग यह कहे कि किसी विशेष समुदाय के लोग भारत के संविधान या देश की अखंडता के प्रति सच्ची निष्ठा नहीं रख सकते.
मप्र पुलिस का प्रेसनोट
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में देर रात पुलिस मुख्यालय ने बताया कि, दिनांक 12.05.2025 को ग्राम रायकुंडा, थाना मानपुर, जिला इंदौर (ग्रामीण) मे आयोजित एक कार्यक्रम मे श्री विजय शाह, मंत्री म.प्र. शासन द्वारा आम सभा को संबोधित किया गया था। उनके संबोधन के कुछ अंश प्रिंट, इलेक्ट्रोनिक तथा सोशल मीडिया मे वायरल हुये। मीडिया मे प्रकाशित उक्त संबोधन का माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर द्वारा स्वमेव संज्ञान लेते हुए WP No.17913/2025 दिनांक 14.05.2025 को आदेश पारित किया। आदेश के परिपालन मे थाना मानपुर मे श्री विजय शाह के विरुद्द अपराध क्रमांक 188/2025 धारा 152, 196(1) (ख), 197(1) (ग) बीएनएस के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्द की गई है।
विजय शाह के खिलाफ किस धारा में कितनी सजा का प्रावधान
धारा 152 – भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाला कार्य करना। 7 वर्ष कठोर कारावास का प्रावधान।
धारा 196(1) (ख) – धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और सार्वजनिक सद्भाव में बाधा डालने वाला काम करना। 3 वर्ष कठोर कारावास का प्रावधान।
धारा 197(1) (ग) – राष्ट्रीय एकता के विरुद्ध आरोप, अभिकथन या कार्य करना। 3 वर्ष कठोर कारावास का प्रावधान।
सीएम का बयान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ऑफिस ने इस पर पोस्ट करते हुए एक्स पर लिखा, “माननीय मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए माननीय मुख्यमंत्री जी ने कैबिनेट मंत्री श्री विजय शाह के बयान के संदर्भ में कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं.”
विजय शाह ने मांगी माफी
विजय शाह ने आजतक से बातचीत के दौरान माफी मांगते हुए कहा था कि ‘मैं सपने में भी कर्नल सोफिया बहन के बारे में गलत नहीं सोच सकता. न ही मैं सेना के अपमान की बात सोच सकता हूं. सोफिया बहन ने जाति और धर्म से ऊपर उठकर देश की सेवा की और आतंकियों को जवाब दिया, मैं उन्हें सलाम करता हूं. मेरा पारिवारिक बैकग्राउंड भी सेना से जुड़ा है. मैंने उन बहनों के दर्द को ध्यान में रखकर बयान दिया था, जिनके सिंदूर आतंकियों ने उजाड़े. अगर जोश में मेरे मुंह से कुछ गलत निकल गया, तो मैं इसके लिए माफी मांगता हूं.’
