उज्जैन
पिछले हफ्ते लगातार दो दिनों उज्जैन में इंदौर-नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव किया गया। इस मामले में जांच की गई। जांच में पता चला कि कुछ किसानों ने पत्थर फेंके थे, जो गलती से ट्रेन पर जा लगे। रतलाम मंडल के पीआरओ खेमराज मीना ने बताया कि ‘पिछले मंगलवार और बुधवार को वंदे भारत पर पथराव की घटनाएं सामने आईं। इसमें किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई। इस मामले में आरपीएफ ने मामला दर्ज कर लिया है।’
ट्रेन के दो कोचों के शीशे टूट गए
दोनों घटनाएं चिंतामन रेलवे स्टेशन और उज्जैन जंक्शन (लगभग 6 किमी दूर) के बीच हुईं। मंगलवार को दो कोचों के शीशे टूट गए थे। पथराव होन से ट्रेन में सवाल यात्री सहम गए थे। हालांकि यात्री सभी सुरक्षित रहे। आरपीएफ-इंदौर टीआई राकेश कुमार ने बताया कि मंगलवार के पथराव के आरोपियों का अभी तक पता नहीं चला है। इस मामले में आरपीएफ ने मामला दर्ज किया है।
भैंसों पर किसानों ने फेंके थे पत्थर, गलती से ट्रेन पर लगे: आरपीएफ
आरपीएफ इंदौर टीआई राकेश कुमार ने बताया, ‘हालांकि हमने बुधवार की घटना में शामिल लोगों की पहचान कर ली है। वे किसान हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने वंदे भारत पर नहीं, बल्कि अपनी भैंसों पर पत्थर फेंके थे। ताकि वे दिशा बदल सकें, क्योंकि जब ट्रेन गुजर रही थी तो उनकी भैंसे रेलवे ट्रैक की ओर जा रही थीं। मामले पर कोर्ट में जांच रिपोर्ट पेश की जाएगी।’
किसी किसान पर नहीं दर्ज किया गया केस: टीआई
उन्होंने बताया कि अभी तक किसी किसान पर मामला दर्ज नहीं किया गया है। उनपर जुर्माना लगाकर और चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। इससे पहले इसी तरह की एक अन्य घटना में एक शराबी को प्रमुख ट्रेन पर पत्थर फेंकने के आरोप में पकड़ा गया था।
