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Wednesday, March 25, 2026
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पहले बताया अफवाह अब 19 घंटे 51 मिनट बाद रेलवे ने भगदड़ को स्वीकारा … कहां-कहां हुई चूक और किस स्तर पर लापरवाही

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नई दिल्ली

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 15 फरवरी की रात करीब 9:55 बजे महाकुंभ जाने वाली ट्रेन पकड़ने के लिए यात्रियों के बीच भगदड़ मच गई। हादसे में 18 यात्रियों की मौत हो गई, कई घायल हो गए। हादसे की डिटेल जांच के लिए रेल मंत्रालय ने रेलवे के दो वरिष्ठ अधिकारियों की कमिटी का गठन किया है। जो इस पूरे हादसे की डिटेल जांच कर यह बताएगी कि आखिर इसमें कहां-कहां और किस-किस स्तर पर गलती, चूक या लापरवाही रही। लेकिन हादसे की शुरुआत में रेलवे मंत्रालय की तरफ से भगदड़ मचने और इसमें हुई मौतों से लगातार इनकार किया जाता रहा।

पहले बताया अफवाह अब भगदड़ को स्वीकारा
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को भी अफवाह बताया गया। लेकिन जब दिल्ली के उपराज्यपाल, रक्षा मंत्री और फिर प्रधानमंत्री ने एक्स पर ट्वीट कर उसमें भगदड़ का जिक्र किया तो पहली बार रेलवे की तरफ से 15-16 फरवरी की रात 1:09 बजे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक्स पर की गई हादसे की पोस्ट में भगदड़ का जिक्र किया। इस पूरे मामले में रेलवे ने क्या कहा और आगे की जांच क्या होगी। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से।

हादसे के 19:51 घंटे बाद रेलवे ने की मौतों की आधिकारिक पुष्टि
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-14 और इसकी सीढ़ियों पर 15 फरवरी की रात 9:55 बजे हादसा होने के 19:51 घंटे बाद अगले दिन शाम 5:46 बजे रेलवे बोर्ड की तरफ से अधिकारिक तौर पर हादसे में 18 मौत और घायलों की जानकारी शेयर की गई। इसमें बताया गया कि 18 मृतकों के परिजनों को एक्स ग्रेसिया के रूप में 180 लाख रुपए दिए गए और घायलों को भी भुगतान किया गया।

इससे पहले हादसे के बाद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और रेलवे बोर्ड से मांगी जा रही जानकारी में अधिकारियों ने इसमें भगदड़ मचने से लगातार इनकार किया। इसे अफवाह बताते हुए अधिकारियों ने कहा कि स्थिति अंडर कंट्रोल है। रेलवे बोर्ड के एक आला अधिकारी ने रात 11:13 बजे भी सिचवेशन अंडर कंट्रोल बताते हुए घायलों को अस्पताल पहुंचाने की बात कही। लेकिन भगदड़ मचने और मौतों का कोई जिक्र नहीं किया। ना ही कोई हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया।

रेल भवन में बने वॉर रूम से रेल मंत्री कर रहे थे महाकुंभ के लिए निगरानी
रेलवे मंत्रालय की तरफ से महाकुंभ के लिए चलाई जा रही स्पेशल और रूटीन ट्रेनों की रेल भवन में बने वॉर रूम से रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव लगातार निगरानी कर रहे हैं। ऐसे में सूत्रों का सवाल है कि फिर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 15 फरवरी की शाम 7-8 बजे के बाद से यात्रियों की इतनी जबरदस्त बढ़ती भीड़ पर किसी का ध्यान क्यों नहीं गया। बताया गया है कि हर एक घंटे में 1500 सामान्य टिकट बिके।

स्टेशन पर इतनी अधिक भीड़ का पता क्यों नहीं लगा
प्लेटफार्म नंबर-14 पर प्रयागराज जाने वाली ट्रेन के आने में देरी थी। इसी बीच प्लेटफार्म नंबर-12 से एक स्पेशल ट्रेन की घोषणा होने लगी। प्लेटफार्म नंबर-14 वाले यात्री 12 की तरफ भागने लगे। बीच रास्ते में सीढ़ियों और एफओबी पर जबरदस्त भीड़ जमा हो गई। प्लेटफार्म नंबर-13 और 16 के बीच भी यात्रियों में कन्फ्यूजन हुआ। लेकिन ना तो वॉर रूम से और ना ही स्टेशन पर तैनात किसी अधिकारी ने भीड़ को कंट्रोल करने की कोशिश की।

क्या महाकुंभ के लिए अधिक आरपीएफ लगाए जाने और स्टेशन पर कम जवानों के चलते हादसा
सूत्रों का कहना है कि असल में महाकुंभ की वजह से प्रयागराज और वहां के अन्य सभी स्टेशनों पर आरपीएफ के काफी जवानों को अन्य स्टेशनों से वहां पर तैनात किया गया है। बताया जाता है कि नई दिल्ली स्टेशन पर जब यह हादसा हुआ। उस वक्त प्लेटफार्म नंबर-14 पर एक या दो ही जवान थे। ऐसे में भीड़ को मैनेज करने वाला वहां कोई था ही नहीं। बेकाबू भीड़ घोषणा सुनकर ट्रेन पकड़ने की आपाधापी में इधर से उधर भागने लगी। जब लोग मर गए। तब रेलवे की नींद टूटी और फिर आरपीएफ के डीजी और जीआरपी के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। लेकिन उस वक्त तक कांड हो चुका था। सूत्रों का कहना है कि यह किसकी जिम्मेदारी थी।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के अजमेरी गेट साइड से चलाई जाएंगी सभी प्रयागराज स्पेशल
इस हादसे से सबक लेते हुए रेलवे ने तय किया है कि वह अब से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से प्रयागराज जाने वाली तमाम स्पेशल ट्रेनों को स्टेशन के अजमेरी गेट साइड वाले प्लेटफार्म नंबर-16 से चलाएगा। हालांकि, प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के आने की एक गेट से और जाने के लिए दूसरे गेट से व्यवस्था की गई है। जिसे एक्सपर्ट का कहना है कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भी लागू किया जाए तो अच्छा होगा।

रेलवे का यह भी कहना है कि भीड़ को देखते हुए स्टेशन पर अतिरिक्त आरपीएफ और जीआरपी को तैनात किया गया है। हादसे से संबंधित पीड़ित परिवार वालों के लिए रेलवे ने अलग से कोई हेल्पलाइन नंबर जारी नहीं किया है। लेकिन रेलवे का कहना है कि उसके मौजूदा हेल्पलाइन नंबर-139 पर इस हादसे से संबंधित जानकारी लेने के लिए रविवार शाम 5 बजे तक 130 से अधिक कॉल आ चुकी हैं।

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