इस्लामाबाद
पड़ोसी देश पाकिस्तान और चीन के बीच एक अहम न्यूक्लियर डील साइन की गई है। इस डील को लेकर पाकिस्तान फूला नहीं समा रहा हैं। गृहयुद्ध जैसे हालात का सामना कर रहे पाक ने इस डील को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा है कि इससे पाकिस्तान को कई समस्याओं से बाहर निकलने में मदद मिलेगी।
चीन-पाक के बीच 200 मेगावाट की चश्मा-5 (C-5) परमाणु ऊर्जा परियोजना की कीमत 4.8 बिलियन डॉलर बताई जा रही है। पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ की मौजूदगी में इस परियोजना के समझौते पर चाइना नेशनल न्यूक्लियर कॉर्पोरेशन ओवरसीज लिमिटेड (CNOS) के अध्यक्ष और पाकिस्तान परमाणु ऊर्जा आयोग (PAEC) के सदस्य पावर मुहम्मद सईद उर रहमान ने साइन किए।
2017 से जारी थी बातचीत
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक इस डील को लेकर पाक और चीन के बीच 2017 में पहली बात बातचीत शुरू हुई थी। इसके बाद यह डील ठंडे बस्ते में चली गई। यह डील ऐसे समय में की गई है जब पाकिस्तान आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। पाकिस्तान का कहना है कि यह डील बताती है कि अभी भी पाकिस्तान ऐसी जगह है जहां कई मुल्क निवेश कर रहे हैं। बता दें कि दोनों देशों के बीच कराची में भी एक डील साइन हुई थी। के-3 परमाणु डील का पिछले दिनों ही उद्घाटन किया गया है। यह परियोजना 1,100 मेगावाट की क्षमता का था।
क्या है चश्मा 5 परमाणु ऊर्जा प्रोजेक्ट?
चीन और पाकिस्तान के बीच हुई इस डील के तहत चश्मा-5 प्रोजेक्ट पंजाब के मध्य प्रांत में बनाया जाएगा। इश प्रोजेक्ट को चीन की मदद से तैयार किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के जरिए पाकिस्तान की जीवाश्व ईंधन पर निर्भरता कम होगी। पाकिस्तान की कुल परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता दो साल पहले बढ़कर 1,400 मेगावाट हो गई। यह दक्षिण एशियाई क्षेत्र में 6वीं परमाणु परियोजना है। इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट के लिए चीन ने पाकिस्तान को 10 करोड़ डॉलर की छूट भी दी है।
