नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मणिपुर हिंसा को लेकर विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का आज 4 बजे जवाब देंगे. इससे पहले गुरुवार को विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण ने जवाब दिया. इसके बाद AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने मणिपुर मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा. उन्होंने देशभर में मुसलमानों के साथ अत्याचार की बात कही. ओवैसी ने चीन और हरियाणा में नूंह का मुद्दा भी उठाया. इसके बाद टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने मणिपुर हिंसा पर सरकार को घेरा. उन्होंने पूछा कि किस राज्य में थानों से 5 हजार हथियार और लाखों गोलियां लूटी गईं.
अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में मंगलवार से तीखी बहस जारी है. बुधवार को कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी ने चर्चा में हिस्सा लिया. उन्होंने मणिपुर हिंसा को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला. इस दौरान राहुल गांधी ने यहां तक कहा कि मणिपुर में हिंदुस्तान की हत्या की गई. हिंदुस्तान में भारत माता की हत्या की गई. मणिपुर को दो हिस्सों में बांट दिया गया. वहीं, राहुल के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और इसके बाद अमित शाह ने जवाब दिया. ईरानी ने कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार और 1984 के सिख दंगों की घटनाओं का जिक्र कर कहा कि इनका इतिहास खून से सना है. वहीं, अमित शाह ने मणिपुर की ताजा स्थिति पर बात की.
मणिपुर पर चुप्पी साधी गई- महुआ मोइत्रा
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, ये सिर्फ अविश्वास प्रस्ताव नहीं, हमें पता है हमारे पास नंबर नहीं है. हम INDIA बनकर इसलिए नहीं आए हैं, क्योंकि इस सरकार को गिराना चाहते हैं. हम लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात कह सकें, इसलिए हम नए विश्वास के साथ आए हैं. मणिपुर के मुद्दे पर जो चुप्पी साधी गई, हम उसके खिलाफ हैं. जहरीले बयान दिए गए. कहा गया कि राजस्थान, बंगाल में रेप के मुद्दे पर चर्चा क्यों नहीं हुई. लेकिन मैं बताना चाहती हूं कि मणिपुर का मुद्दा अलग है. नफरती अपराध एक समुदाय के खिलाफ मणिपुर में हो रहा. वो महिलाएं इंसाफ भी नहीं पा रही हैं. वहां युद्ध चल रहा है, सामुदायों के बीच. 3 महीने में 150 से ज्यादा लोग मारे गए. उन्होंने कहा, अब तक किस राज्य में थानों से हजारों हथियार और लाखों गोलियां लूटी गईं.
महुआ मोइत्रा ने कहा, हम यहां अपने ‘तुम अभी चुप रहो’ गणतंत्र में सवाल पूछने आए हैं, जहां प्रधानमंत्री एक राज्यपाल से कहते हैं ‘चुप रहो’. इस सदन में निर्वाचित सांसद के रूप में हमसे नियमित रूप से कहा जाता है ‘चुप रहो’. यह प्रस्ताव मणिपुर में इस मौन संहिता को तोड़ने के लिए है. पीएम मोदी हमारी बात नहीं सुनेंगे, आखिरी दिन आकर भाषण देंगे. मुझे नहीं पता कि इससे अधिक दुर्भाग्यपूर्ण क्या है, हमारे प्रधानमंत्री ने संसद में आने से इनकार कर दिया या उन्होंने मणिपुर जाने से इनकार कर दिया.
