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पाकिस्‍तान के बाद खाड़ी के मुस्लिम देशों पर डोरे डाल रहा चीन, भारत के करीबी दोस्त को दिखाने भेजा स्टील्थ फाइटर जेट, डील होगी?

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बीजिंग

चीन लगातार अपनी डिफेंस इंडस्ट्री का विस्तार कर रहा है। अब चीन की नजर खाड़ी देशों पर है। चीन खाड़ी देशों को अपना हथियार बेचना चाहता है, जो अभी तक हथियारों के मामले में अमेरिका पर निर्भर रहे हैं। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक संयुक्त अरब अमीरात में होने वाले डिफेंस एक्सपो में चीन ने अपने स्टील्थ फाइटर जेट FC-31, J-10CE लड़ाकू विमान और फाइटर जेट्स से संबंधित उपकरणों को भेजा है। इसके अलावा यूएई के डिफेंस एक्सपो में चीन ने ताइहांग टर्बोफैन इंजन को भी भेजा है। ग्लोबल टाइम्स ने बताया है कि मध्य पूर्वी देश चीन के लिए संभावित बाजार बन सकते हैं और खाड़ी देशों में चीन के लिए काफी संभावनाएं हैं। इसके अलावा, चीन के लिए एक अच्छी बात ये भी है कि FC-31 लड़ाकू विमान पाकिस्तान भी खरीदने वाला है। चीन ने FC-31 के एक्सपोर्ट वेरिएंट का नाम J-35 रखा है।

ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक एविएशन इंडस्ट्री कॉरपोरेशन ऑफ चाइना (AVIC) का प्रतिनिधित्व करते हुए, चाइना नेशनल एयरो-टेक्नोलॉजी इम्पोर्ट एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन (सीएटीआईसी) ने लड़ाकू विमान, ड्रोन, परिवहन विमान, हेलीकॉप्टर, ट्रेनर विमान, एंटी-ड्रोन उपकरण और एयरो इंजन सहित विमानन उपकरणों की एक सीरिज का प्रदर्शन किया है। आपको बता दें कि सोमवार से यूएई की राजधानी अबू धाबी में ये डिफेंस एक्सपो शुरू हुआ है। जिसमें चीन के साथ कई और देश भाग ले रहे हैं। चीनी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ने एक्सपो में एफसी-31 फाइटर जेट, जे-10सीई फाइटर जेट, वाई-20 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, वाई-9ई ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और एल15 एडवांस्ड ट्रेनर एयरक्राफ्ट को भेजा है।

संयुक्त अरब अमीरात को जेट्स बेचना चाहता है चीन!
बीजिंग स्थित एयरोस्पेस नॉलेज पत्रिका के मुख्य संपादक वांग यानान ने मंगलवार को ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट में कहा है कि “चीन इस एक्सपो में अपनी चौथी और पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों का प्रदर्शन कर रहा है, जिससे क्षेत्र के देशों को एक ही कार्यक्रम में अत्याधुनिक विमानन टेक्नोलॉजी तक पहुंच प्राप्त हो सकेगी।” वांग ने कहा कि मिडिल ईस्ट में अमेरिका और यूरोपीय देश ही अभी तक फाइटर जेट्स बेचते रहे हैं। लेकिन मिडिल ईस्ट के साथ दुनिया की जियो-पॉलिटिक्स में भी बदलाव आ रहे हैं। चीन का मानना है कि मिडिल ईस्ट के देश फिफ्थ जेनरेशन फाइटर जेट खरीदना चाहते हैं लेकिन अमेरिका अपनी सुरक्षा हितों और इजरायल की वजह से शायद ही खाड़ी देशों को एफ-35 फाइटर जेट मुहैया करवाए, लिहाजा ये देश चीन के लिए एक बेहतरीन बाजार साबित हो सकते हैं।

J-10 सीरीज चीन का चौथी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों सीरीज है। जिसे चीन की वायुसेना में भी शामिल किया गया है। पाकिस्तान पहले ही चीन से J-10CE लड़ाकू विमान खरीद चुका है। वहीं पांचवीं पीढ़ी के जे-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान, जो एफसी-31 के समान ही है, उसे भी चीनी एयरफोर्स में कमीशन किया गया है। एयरो इंजन कॉरपोरेशन ऑफ चाइना (एईसीसी), जो चीन की एयरोस्पेस कंपनी है, उसने एक बयान में कहा है कि उसने पहली बार एक्सपो में ताइहांग इंजन और एईएस100 इंजन सहित शीर्ष उत्पाद पेश किए हैं। शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की कई रक्षा कंपनियां इस कार्यक्रम में भाग ले रही हैं, जो शुक्रवार तक चलेगा। इस कार्यक्रम में सतह के जहाजों, पनडुब्बियों, पानी के नीचे के हथियारों और मानवरहित प्रणालियों सहित नौसेना के उपकरणों की एक सीरीज का प्रदर्शन किया जाएगा।

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