भिंड ,
पति सर्दी दूर करने के लिए घर के बाहर धूप में बैठा हुआ था, तभी पत्नी आई और पैर छूकर बोली, ‘मैं जा रही हूं.’ इसके बाद पत्नी अंदर चली गई. कुछ देर बाद जब पति कमरे में पहुंचा तो पत्नी का शव लहूलुहान हालत में पड़ा हुआ था और पास में ही खून से सना हुआ चाकू भी था. हैरान कर देने वाला यह घटनाक्रम भिंड जिले के ररी गांव का है.
दरअसल, ररी गांव में रहने वाले रमेश शर्मा को इस बात का कतई अंदाजा नहीं था कि पत्नी पैर छूकर जो इजाजत मांग रही है, वह इस दुनिया से ही जाने की इजाजत है. हुआ यूं कि शनिवार को रमेश शर्मा गांव में अपने घर के बाहर धूप में बैठे थे, तभी घर के अंदर से उनकी पत्नी आशा देवी निकालकर आई.
पैरों तले जमीन निकल गई
42 साल की आशा देवी ने अपने पति के पैर छुए और कहा, मैं अब जा रही हूं.’ रमेश ने अपनी पत्नी आशा की बात पर कोई गौर नहीं किया. इसके बाद आशा घर के अंदर चली गई. कुछ देर बाद रमेश जब घर के अंदर पहुंचे तो उनके पैरों तले जमीन निकल गई. देखा कि उसकी पत्नी आशा लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़ी हुई है और पास ही खून से सना चाकू भी है.
आशा ने घर के अंदर आने के बाद चाकू से अपना गला काटकर इस दुनिया को अलविदा कह दिया था. परिजनों ने इस बात की जानकारी पुलिस को दी तो रौन थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई और आशा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया.
टीबी से पीड़ित थी महिला
अब तक मिली जानकारी के अनुसार आशा देवी क्षय रोग यानी टीबी से पीड़ित थी. बीमार रहने की वजह से आशा की मानसिक हालत भी बिगड़ चुकी थी. आशा ने इससे पहले भी अपने हाथ की नस काट कर अपनी जान देने की कोशिश की थी, लेकिन परिवार वालों की सतर्कता की वजह से आशा की जान बचा ली गई थी.इस बार किसी को एहसास नहीं हुआ कि आशा हाथ की नस की बजाय अब खुद का गला ही काट लेगी. रौन थाना पुलिस ने इस मामले में मर्ग काम करते हुए घटना की जांच शुरू कर दी है.
