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Thursday, May 14, 2026
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बगावत से दो दिन पहले ही अजित पवार ने NCP पर ठोक दिया था दावा, चाचा शरद पवार कैसे हो गए ‘क्लीन बोल्ड’

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मुंबई

अजित पवार 2 जुलाई को न सिर्फ बागी नेता के रूप में बल्कि एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में शिंदे सरकार में शामिल हुए थे। इस घटनाक्रम के दो दिन बाद यह सामने आया है कि अजित पवार ने 30 जून को ही चुनाव आयोग के समक्ष पार्टी के चुनाव चिह्न पर दावा ठोक दिया था। साथ ही उन्होंने ईसी को यह भी सूचित किया था कि भारी बहुमत के चलते एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चाचा शरद पवार नहीं, बल्कि वह खुद हैं।

अजित पवार ने चुनाव आयोग के समक्ष दावा किया था कि पार्टी के विधायी और संगठनात्मक विंग के सदस्यों के भारी बहुमत के साथ वह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। यानी 2 जुलाई को अजित पवार के महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम के रूप में शपथ लेने से 2 दिन पहले ही एनसीपी की लड़ाई चुनाव आयोग तक पहुंच चुकी थी।

2019 से सबक लेकर पहले से कर ली थी तैयारी
यहां तक कि बुधवार को चुनाव आयोग के समक्ष 40 विधायकों के समर्थन वाला जो हलफनामा पेश किया गया, उसमें भी 30 जून की तारीख अंकित है। मतलब साफ है कि पिछली बार की गलतियों से सबक लेते हुए अजित पवार गुट ने पहले से ही योजना बना ली थी।

इससे पहले जब 2019 में अजित पवार ने पहली बार शरद पवार से बगावत कर बीजेपी के देवेंद्र फडणवीस के साथ डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी तो उन्हें अपना फैसला वापस लेना पड़ा था। तब अजित पवार के पास पार्टी के अंदर पर्याप्त समर्थन नहीं था। इस बार उन्होंने पहले वाली गलती दोहराए बिना चाचा शरद पवार को चारों खाने चित कर दिया।

तीन दिन नरम पड़े चाचा के तेवर
अजित पवार की ‘गुगली’ से इस बार महाराष्ट्र की राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले शरद पवार भी ‘क्लीन बोल्ड’ हो गए। 2 जुलाई को अजित की बगावत के बाद शरद पवार ने कहा था कि ये पहली बार नहीं है, वह पहले भी ऐसी बगावत देख चुके हैं। उन्होंने अजित पर जमकर आक्रोश जताया था लेकिन तीन दिन बाद ही उनके तेवर नरम पड़ते नजर आए।शरद पवार ने बुधवार को मीटिंग के बाद कहा कि अगर आप (अजित) किसी चीज से खुश नहीं थे तो बातचीत से रास्ता निकालना चाहिए था। मुझसे चर्चा कर सकते थे।

नंबर गेम में अजित पवार आगे
नंबर गेम के मामले में भी अजित पवार चाचा से आगे निकलते दिख रहे हैं। बुधवार की बैठक में अजित पवार के समर्थन में 31 विधायक एकजुट हुए थे। जबकि 4 एमएलसी भी मीटिंग में शामिल थे। वहीं शरद पवार की बैठक में 13 विधायक और 4 सांसद ही इकट्ठा हुए थे। महाराष्ट्र में एनसीपी के 53 विधायक हैं।

 

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