पटना
बिहार के खगड़िया जिले में गंगा पर निर्माणाधीन पुल ढहने के बमुश्किल तीन हफ्ते बाद ऐसा ही एक मामला किशनगंज जिले से सामने आया है। यहां एक पुल का हिस्सा शनिवार को ढह गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार ने कहा, ‘राज्य की राजधानी पटना से लगभग 400 किलोमीटर दूर हुई इस घटना में मेची नदी पर बने पुल का एक पिलर ढह गया।
अधिकारी ने कहा, “एनएच-327E पर निर्माणाधीन पुल पूरा होने पर किशनगंज और कटिहार को जोड़ देगा।” उन्होंने कहा कि इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ। पुल का हिस्सा क्यों गिरा है? इसके कारणों की जांच के लिए एक्सपर्ट की पांच सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। अधिकारी ने कहा, “प्रथम दृष्टया यह पाइलिंग प्रक्रिया के दौरान गलती से ऐसा हुआ है।
तेजस्वी यादव बोले- इसका बिहार सरकार से कोई लेनादेना नहीं
इस बीच, राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि पुल का निर्माण एक केंद्रीय परियोजना का हिस्सा थी और एनएचएआई को कार्रवाई करने का अधिकार है। बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, जिनके पास सड़क निर्माण विभाग भी है। उन्होंने कहा, “पुल का निर्माण एनएचएआई द्वारा केंद्र की भारत माला परियोजना के तहत किया जा रहा है। इसका बिहार सरकार से कोई लेना-देना नहीं है।” यादव ने कहा, “यह एनएचएआई है जिसे संबंधित अधिकारियों या एजेंसियों को पुरस्कृत या दंडित करने का अधिकार है।”
#WATCH | Pillar of an under-construction bridge on Mechi River which connects Katihar and Kishanganj districts in Bihar, caves in near Gori village on NH-327E. pic.twitter.com/VsYAP9xnl7
— ANI (@ANI) June 24, 2023
इससे पहले 4 जून को एक निर्माणाधीन पुल गिर गया था। यह पुल खगड़िया जिले को भागलपुर से जोड़ने के लिए बनाया जा रहा था। इस हादसे में एक सिक्योरिटी गार्ड की मौत हो गई थी। इस पुल को बनाने के लिए नवंबर 2019 की डेडलाइन तय थी। लेकिन, इसके तीन साल पूरे होने के बाद भी यह बनकर तैयार नहीं हो सका। बिहार इंजीनियरिंग सर्विसेज विभाग ने पुल गिरने की घटना पर चिंता जताई थी। एसोसिएशन ने बिहार में सभी पुलों को स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने की मांग की थी। साथ ही कहा कि सभी पुलों निर्माणाधीन पुलों को जल्द से जल्द पूरा कराया जाए।
भागलपुर में पुल के गिरने के बाद से आरजेडी और बीजेपी के बीच वाकयुद्ध हुआ था। बीजेपी नेता अमित मालवीय ने ट्वीट किया कि ‘क्या इस घटना पर संज्ञान लेते हुए नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव तुरंत इस्तीफा दे देंगे? ऐसा करके चाचा-भतीजा दोनों देश के सामने मिसाल कायम कर सकते हैं’। आरजेडी ने भी तुरंत इसका जवाब देते हुए हादसे के लिए बीजेपी को ही जिम्मेदार ठहरा दिया।
