गुवाहाटी
असम के सिलचर में स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में पढ़ने वाली एक बांग्लादेशी मुस्लिम छात्रा ने सोशल मीडिया पर भारत विरोधी पोस्ट को लाइक किया। उसके पोस्ट लाइक करने को लेकर विवाद शुरू हो गया। लोगों ने सोशल मीडिया पर स्क्रीन शॉट लेकर उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसी बीच उस पोस्ट को लाइक करने के बाद सोमवार को वह बांग्लादेश चली गई।
सिलचर एनआईटी छोड़कर घर वापस जाने के लिए आवेदन किया है। नाम न बताने की शर्त पर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने ईटी को बताया, ‘छात्रा ने सोमवार को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच करीमगंज में भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पार की।’
एनआईटी के सूत्रों ने बताया कि छात्रा ने खुद ही कुछ समय के लिए घर वापस जाने की इच्छा जताई थी। उसने रविवार को छुट्टी के लिए आवेदन किया था। सिलचर एनआईटी में विभिन्न विषयों में बांग्लादेश के 70 छात्र पढ़ रहे हैं।
निदेशक ने की अपील
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान सिलचर के प्रबंधन ने संस्थान के छात्रों से भारत विरोधी या देश के खिलाफ अपमानजनक बयान देने से बचने का आग्रह किया है।
एनआईटी सिलचर के निदेशक प्रो. डी.के. बैद्य ने छात्रों से संस्थान की शैक्षणिक मर्यादा बनाए रखने और परिसर में शांति और सद्भाव को भंग न करने का आह्वान किया।
भारत विरोधी पोस्ट के बाद एक्टिव संस्थान
निदेशक की यह अपील संस्थान के एक पूर्व छात्र के सोशल मीडिया पर कथित भारत विरोधी पोस्ट के बाद आई है। ‘मुझे एक पूर्व छात्र के की गई पोस्ट के बारे में पता है जो अब हमारे साथ नहीं है। मुझे बताया गया है कि वह देश छोड़कर चला गया है।’
प्रो. बैद्य ने रविवार शाम को कहा, ‘सरकार की नीति के अनुसार विदेशी छात्र हमारे संस्थान में शैक्षणिक गतिविधियों के लिए आते हैं और शांति, कानून और व्यवस्था बनाए रखना हमारा कर्तव्य है। हम अपने छात्रों से अपील कर रहे हैं कि वे कोई भी आपत्तिजनक या अपमानजनक बयान न दें।’
क्या बोले पुलिस अफसर
कछार के पुलिस अधीक्षक (एसपी) नुमल महत्ता ने मीडियाकर्मियों को बताया कि पुलिस के साइबर निगरानी सेल ने इस मामले को उनके संज्ञान में लाया है।
इसके बाद उन्होंने स्थिति की जांच करने के लिए शनिवार आधी रात को संस्थान का दौरा किया।
एसपी महत्ता ने कहा, ‘जब मैं संस्थान पहुंचा तो मुझे पता चला कि जिस छात्र ने यह पोस्ट किया है, वह संस्थान का पूर्व छात्र है और अब बांग्लादेश में रहता है। मैंने संस्थान के अधिकारियों से अनुरोध किया है कि वे इस मामले को उचित प्राधिकारियों के समक्ष उठाएं, ताकि भारत के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले छात्र के खिलाफ तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।’
