भोपाल ,
नए भोपाल की पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत पेश किए गए प्रस्ताव को पर्यावरण संरक्षण का हवाला देते हुए खारिज कर दिया गया है. स्थानीय निवासियों और हरित कार्यकर्ताओं के विरोध के बीच यह फैसला लिया गया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर राज्य के नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “नये भोपाल के पुनर्घनत्वीकरण योजना के पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्र में विद्यमान वृक्षों को देखते हुए प्रस्तुत प्रस्ताव को संपूर्ण विचारोपरांत अस्वीकृत कर अन्य वैकल्पिक स्थानों के परीक्षण के निर्देश दिये गये हैं. नवीन प्रस्ताव हेतु प्रारंभिक स्तर पर भी नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों से विचार विमर्श भी किया जाएगा.
दरअसल, पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत मध्य प्रदेश सरकार शहर के शिवाजी नगर क्षेत्र में मौजूदा निर्माणों को हटाना चाहती है और इलाके को योजनाबद्ध तरीके से विकसित करना चाहती है. भोपाल के सैकड़ों निवासियों ने 27,000 से अधिक पेड़ों को बचाने के लिए हाथ मिलाया था. दरअसल, रहवासियों को डर था कि शहर में वीवीआईपी बंगलों के लिए जगह बनाने के लिए पेड़ों को काट दिया जाएगा.
इसी के चलते पिछले दस दिनों से नागरिक, छात्र और पर्यावरण कार्यकर्ता शिवाजी नगर और तुलसी नगर में पेड़ों को काटकर विधायकों और नौकरशाहों के लिए बंगले बनाने की योजना के खिलाफ अभियान चला रहे थे. यह शहर के हरित क्षेत्र है.
महिलाओं और सत्तारूढ़ भाजपा के एक विधायक सहित कई लोगों ने शुक्रवार को पेड़ों की पूजा की और पेड़ों से लिपटकर उनकी रक्षा करने की कसम खाई. हालांकि, मध्य प्रदेश आवास और शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई ने पहले स्पष्ट किया था कि पेड़ों को ‘तुरंत’ कुछ नहीं होगा.
उन्होंने नागरिकों के विरोध के बीच कहा था, “यह हाउसिंग बोर्ड द्वारा शहरी विकास मंत्री के समक्ष रखा गया एक प्रस्ताव था. अभी तक कोई मंजूरी नहीं मिली है. सरकार पेड़ों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील है. अभी तक पेड़ों को काटने का कोई प्रस्ताव नहीं है.
