सीवान/छपरा,
बिहार के सीवान और छपरा में जहरीली शराब पीने से मौत का मामला सामने आया है. एसपी ने 20 लोगों की मौत की पुष्टि की है. सिविल सर्जन के द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि जहरीली शराब पीने से अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है. मरने वाले लोगों में छपरा के 8 लोग शामिल हैं. शराब पीने से तबीयत खराब होने के बाद लोगों को हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां पर उनकी मौत हो गई.
एजेंसी के मुताबिक, मामले के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सीवान के जिलाधिकारी मुकुल कुमार गुप्ता ने कहा, “बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे जानकारी मिली कि मगहर और औरिया पंचायतों में रहस्यमय परिस्थितियों में तीन लोगों की मौत हो गई है. अधिकारियों की एक टीम तुरंत इलाके में भेजी गई और 12 और लोगों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया, लेकिन उनमें से एक व्यक्ति की रास्ते में ही मौत हो गई.”बता दें कि जहरीली शराब से होने वाली मौतों की तादाद बढ़ती जा रही है.
‘हाई लेवल जांच शुरू…’
गांव वालों ने आरोप लगाया कि पीड़ितों ने मंगलवार रात को जहरीली शराब पी थी, जिसके बाद वे बीमार पड़ गए. अधिकारियों ने मृतकों और उपचाराधीन लोगों की पहचान उजागर नहीं की. डीएम ने कहा, “जिला प्रशासन ने हाई लेवल जांच शुरू कर दी है, निषेध और आबकारी विभाग के अधिकारियों की एक टीम भी मामले की जांच करेगी.”इस बीच, जिला प्रशासन ने घटना के बाद मगहर और औरिया पंचायतों के दो चौकीदारों को निलंबित कर दिया है. डीएम ने कहा, “स्थानीय पुलिस स्टेशन के अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की जाएगी.”
एक अन्य घटना में, बुधवार को सारण जिले में कथित तौर पर नकली शराब पीने से दो लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया. PTI से बात करते हुए, सारण के जिला मजिस्ट्रेट अमन समीर ने कहा, “यह घटना मुशरख पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र के तहत इब्राहिमपुर इलाके में हुई. संदिग्ध शराब मौतों से संबंधित अधिकारियों द्वारा मिली जानकारी के आधार पर, पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की.”
आरोपियों पर होगी सख्त कार्रवाई
बिहार के उत्पाद मंत्री रत्नेश सदा ने जहरीली शराब से हुई मौतों पर कहा कि मौत हुई है ये दुखद है. अधिकारी मामले की जांच कर रहे है. आरोपी पर सख्त करवाई होगी, कोई भी आरोपी बख्सा नहीं जाएगा. किसी कीमत पर शराबबंदी लागू रहेगी. हमे लोगों को जागरूक करने की जरूरत है, हम खुद 12 जिलों मे लोगों को जागरूक कर रहे हैं.बीजेपी विधायक हरिभूषण ठाकुर ने कहा कि शराबबंदी एनडीए सरकार की अच्छी पहल है. जहरीली शराब से मौत हुई है लेकिन इसके पीछे जो भी आरोपी है उन पर कड़ी कार्रवाई होगी.
‘सिंडिकेट को संरक्षण दे रहे रसूखदार…’
एजेंसी के मुताबिक, आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा, “इतने लोग मर गए हैं, अब सरकार सिर्फ रटी-रटाई बातें करेगी. ये शराब का खेल सिंडिकेट ऑपरेट करता है, सरकार कुछ नहीं कर रही है. बिहार को कहां ले आए हैं. सत्ता के रसूखदार लोग शराब के सिंडिकेट को संरक्षण दे रहे हैं. गरीब लोगों को जेल में डाल देते हैं और रसूखदार लोग खुले में घुम रहे हैं.
‘इन हत्याओं का दोषी कौन?’
बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने मामले पर गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, “सत्ता संरक्षण में जहरीली शराब की वजह से 27 लोगों की हत्या कर दी गयी है. दर्जनों की आंखों की रोशनी चली गई. बिहार में कथित शराबबंदी है लेकिन सत्ताधारी नेताओं-पुलिस और माफिया के गठजोड़ के कारण हर चौक-चौराहों पर शराब उपलब्ध है.”
उन्होंने आगे कहा कि इतने लोग मारे गए लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शोक-संवेदना तक व्यक्त नहीं की. जहरीली शराब और अपराध से हर रोज सैकड़ों बिहारवासी मारे जाते हैं लेकिन अनैतिक और सिद्धांतहीन राजनीति के पुरोधा मुख्यमंत्री और उनकी किचन कैबिनेट के लिए यह सामान्य बात है.
तेजस्वी यादव ने कहा कि कितने भी लोग मारे जाएं, मजाल है किसी अधिकारी पर कोई कार्रवाई हो? इसके उलट उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा? अगर शराबबंदी के बावजूद हर चौक-चौराहे और नुक्कड़ पर शराब उपलब्ध है, तो क्या यह गृह विभाग और मुख्यमंत्री की विफलता नहीं है? क्या मुख्यमंत्री जी होशमंद है? क्या मुख्यमंत्री ऐसी घटनाओं पर एक्शन लेने और सोचने में सक्षम और समर्थ है? इन हत्याओं का दोषी कौन?
CM नीतीश ने दिया जांच का आदेश
सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीवान और सारण में हुए जहरीली शराब कांड की समीक्षा की. सीएम ने निर्देश दिया है कि अधिकारी घटनास्थल पर जाकर स्थिति की पूरी जानकारी लेकर जांच शुरू करें. उन्होंने शराब कांड में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया. पुलिस महानिदेशक को भी दिए जांच के आदेश दिया गया है. सीएम ने बिहार के लोगों से अपील की है कि शराब पीना बुरी बात है और राज्य में शराबबंदी लागू है, इसका सभी लोग पालन करें.
2016 में बैन हुई थी शराब
अप्रैल 2016 में नीतीश कुमार सरकार ने बिहार में शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध लगा दिया था. बिहार सरकार ने हाल ही में कुबूल किया है कि अप्रैल 2016 में राज्य में शराबबंदी लागू होने के बाद से अवैध शराब के सेवन से 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
