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जिस मच्छू नदी में अक्सर खेलते थे उसी में डूबे दोनों भाई, इंतजार में टॉमी ने छोड़ा खाना

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मोरबी

दो भाई और उनका प्यारा डॉग, पूरे मोहल्ले में यह तिगड़ी मशहूर थी लेकिन रविवार को मोरबी पुल हादसे ने इन्हें हमेशा के लिए अलग कर दिया। दोनों भाई हादसे में मारे गए। मौत की खबर सुनकर घर पर हाहाकार मच गया है। कल तक दोनों भाइयों की खिलखिलाहट से जो घर पर रौनक थी वह आज मातम में बदल गई है। वहीं उनका दोस्त टॉमी उदास एक किनारे बैठा है। उसके सामने बिस्किट पड़े हैं लेकिन दो दिन से उसने कुछ नहीं खाया है। उसे इंतजार है यश और राज के लौटने का जो उसके साथ खेलते थे और उसे खूब दुलार करते थे।

रविवार को मोरबी जिले में मच्छू नदी पर बने पुल हादसे में दो चचेरे भाई राज बगवानजी (13) और यश देवादना (12) भी डूब गए। दोनों चचेरे भाई थे लेकिन साथ में रहते, खेलते और पढ़ते थे। सिर्फ घर पर ही नहीं बल्कि पूरे मोहल्ले में उन्हें खूब प्यार मिला था। राज और यश रविवार शाम को एक-दूसरे का हाथ पकड़े केबल ब्रिज पर टहलने गए थे। उसी दौरान पुल टूटने से सैकड़ों लोग नदी में समा गए। आधी रात को घर पर सूचना मिली कि हादसे में दोनों भाई में मारे गए। उसी नदी के पानी में डूबकर उनकी मौत हुई जहां उन्हें तैरना पसंद था।

कुछ खा-पी नहीं रहा बेजुबान
राज और यश की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है वहीं उनका बेजुबान दोस्त भी घर का माहौल देखकर बेहाल है। कुछ बोल भले ही न पा रहा हो लेकिन उसे अंदाजा है कि कुछ गड़बड़ हुआ है। वह एक किनारे गुमसुम पड़ा हुआ है और दो दिन से कुछ खाया भी नहीं है। उसे इंतजार है राज और यश के लौटने का, इस बात से बेखबर कि अब शायद ही उसका इंतजार कभी खत्म होगा।

यश के लौटने का इंतजार है
राज के पिता ने बताया, ‘डॉग ने पिछले दो दिन से कुछ नहीं खाया है। वह यश के लौटने का इंतजार कर रहा है। वही उसे खाना खिलाता था। हमने उसे बिस्किट दिए लेकिन वो ऐसे ही पड़े हुए हैं।’ घर के बाहर दो कुर्सियों पर राज और यश की तस्वीर रखकर उनपर माला चढ़ाई गई है। पूरे मोहल्ले ने उन्हें आकर श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति सांत्वना व्यक्त की। दोनों भाई अक्सर मच्छू नदी में तैरने जाया करते थे।

हमेशा साथ रहते थे दोनों भाई
राज के पिता रायधन भाई रोते हुए कहते हैं, ‘हम बर्बाद हो गए।’ पूरे पड़ोस में दोनों भाइयों की चर्चा होती थी। दोनों भाई के साथ-साथ अच्छे दोस्त भी थे और हमेशा साथ ही रहते थे। उन्हें मौत भी एक साथ ही आई। राज और यश की मौत से पड़ोसी भी शोकाकुल हैं।

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