7.6 C
London
Tuesday, April 7, 2026
Homeराष्ट्रीयभारत के किसी भी हिस्से को पाकिस्तान नहीं कह सकते...', सुप्रीम कोर्ट...

भारत के किसी भी हिस्से को पाकिस्तान नहीं कह सकते…’, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के जज को लगाई फटकार

Published on

नई दिल्ली,

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट के जज की टिप्पणी को संज्ञान में लिया है और फटकार लगाई है. SC ने कहा, कोई भी व्यक्ति भारत के किसी भी क्षेत्र को ‘पाकिस्तान’ नहीं कह सकता है. दरअसल, हाल ही में एक सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के जज जस्टिस वेदव्यासाचार्य श्रीशानंद ने बेंगलुरु के एक इलाके को लेकर विवादास्पद टिप्पणी की थी.

इसके साथ ही जस्टिस श्रीशानंद ने सुनवाई के दौरान एक महिला वकील पर असंवेदनशील और आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. 20 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने मामले को संज्ञान में लिया और HC के मुख्य न्यायाधीश से रिपोर्ट मांगी थी. दरअसल, हाल ही में जस्टिस श्रीशानंद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है. एक क्लिप में जज को मकान मालिक-किराएदारों के विवाद की सुनवाई के दौरान एक महिला वकील से यह कहते हुए देखा जा सकता है कि वो विरोधी पक्ष के बारे में बहुत कुछ जानती हैं. वो उनके अंडरगारमेंट्स का कलर भी आइडेंटिफाई कर सकती हैं. एक अन्य क्लिप में जज को बेंगलुरु के एक मुस्लिम बहुल इलाके को ‘पाकिस्तान’ कहते हुए सुना जा सकता है.

‘जज ने माफी मांगी है…’
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने मामले में सुनवाई की और कहा, जज ने अपनी टिप्पणी के लिए सार्वजनिक माफी मांगी है. बेंच ने इलेक्ट्रॉनिक युग में जजों के व्यवहार में बदलाव लाने का आह्वान किया है.

‘हम मामले को बंद करना चाहते हैं’
सीजेआई ने कहा, चूंकि हाईकोर्ट के जज हमारे समक्ष पक्षकार नहीं हैं, इसलिए हम आगे कोई टिप्पणी नहीं करेंगे. हालांकि हम कार्यवाही को बंद करना चाहते हैं. हम आशा करते हैं कि इलेक्ट्रॉनिक युग में सभी संस्थानों के व्यवहार में बदलाव लाएगा.

उन्होंने कहा, कोई (व्यक्ति) भी भारत के किसी भी हिस्से को पाकिस्तान नहीं कह सकता है. यह देश की क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, इस तरह के विवादों से अदालती कार्यवाही की लाइवस्ट्रीमिंग रोकने की मांग नहीं उठनी चाहिए. अदालत ने कहा, यह सुविधा लोगों के लिए महत्वपूर्ण हो गई है.

‘टिप्पणियों के व्यापक प्रभाव का पता होना चाहिए’
बेंच ने कहा, सभी पक्षों, जजों, वकीलों, वादियों को यह पता होना चाहिए कि कार्यवाही उन दर्शकों तक पहुंचती है, जो अदालत के कैंपस से दूर बैठे हैं. सभी को इस तरह की टिप्पणियों के व्यापक प्रभाव के बारे में पता होना चाहिए. जजों के रूप में हम इस तथ्य के प्रति सचेत रहें कि प्रत्येक व्यक्ति के पास जीवन के शुरुआती या बाद के अनुभवों के आधार पर पूर्वाग्रहों का एक समूह होता है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, कर्नाटक हाई कोर्ट के जज जस्टिस श्रीशानंद ने कहा कि 21 सितंबर को सुनवाई के दौरान उनके द्वारा की गई कुछ टिप्पणियों को संदर्भ से हटकर दिखाया गया है. चूंकि जज ने अपनी टिप्पणी को अनजाने में कहा है, इसलिए यह समाज में किसी के लिए भी टारगेटेड नहीं थी.

अदालत ने कहा, उन्होंने माफी मांगी है. खुली अदालत की कार्यवाही में हाई कोर्ट के जज द्वारा मांगी गई माफी को ध्यान में रखते हुए हम न्याय और संस्था की गरिमा के हित में इस कार्यवाही को आगे ना बढ़ाना उचित समझेंगे. हमने न्यायिक गरिमा के हित में हाईकोर्ट के जज को नोटिस जारी करने से परहेज किया है.

‘गैर जरूरी थीं टिप्पणियां’
सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि ऐसी टिप्पणियां पक्षपात की एक हद तक संकेत दे सकती हैं. खासकर तब जब वे किसी जेंडर या समुदाय से जुड़ी हों. उन्होंने कहा, रिपोर्ट का टेक्स्ट पर्याप्त रूप से संकेत देता है कि टिप्पणियां गैर जरूरी थीं और उन्हें टाला जाना चाहिए था. सुप्रीम कोर्ट का कहना था कि यह महत्वपूर्ण है कि जज अपनी स्वयं की प्रवृत्तियों के प्रति जागरूक हों और एक जज जब हृदय और आत्मा से निष्पक्ष होता है और तभी न्याय प्रदान कर सकता है.

Latest articles

प्रदेश की कृषि मण्डियों का होगा कायाकल्प: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विकास कार्यों के लिए दी 87.49 करोड़ की मंजूरी

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश की कृषि उपज मण्डी...

मुख्यमंत्री साय ने जांजगीर-चांपा जिले की युवा पर्वतारोही अमिता श्रीवास को माउंट एवरेस्ट अभियान के लिए दीं शुभकामनाएं

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में पर्वतारोही...

जग्गी हत्याकांड: अमित जोगी को 20 साल बाद उम्रकैद की सजा

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते...

More like this

केरलम में शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन और ड्राइवर को पीटा, एक आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली। केरलम के मलप्पुरम जिले के वांडूर इलाके में शुक्रवार शाम कांग्रेस सांसद...

युवा विधायक सम्मेलन में जुटे दिग्गज, ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प पर हुआ मंथन

भोपाल मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित दो दिवसीय 'युवा विधायक सम्मेलन' के दूसरे दिन संसदीय गरिमा...