भुवनेश्वर
ओडिशा के बालासोर में हुए रेल हादसे की जांच करने के लिए सीबीआई मौके पर पहुंच गई है। दो जून को हुए बालासोर रेल हादसे में अब तक 278 लोगों की मौत हो चुकी है। पूरे देश को हिलाकर रख देने वाले इस हादसे की जांच सीबीआई को दी गई है। जांच करने पहुंची सीबीआई अब इस बात का पता लगाने में जुट गई है कि आखिरकार तीन ट्रेनों के आपस में टकराव की वजह किसी तरह की साजिश थी या कि महज एक हादसा, जिसमें कि इतने बेगुनाहों की जान चली गई।
रेलवे की जांच में पटरियों से छेड़छाड़ की बात
बालासोर रेल हादसे की शुरुआती विभागीय जांच में रेलवे की ओर से पटरियों और इंटरलाकिंग से छेड़छाड़ की बात सामने आई है। इसी के बाद रेलवे ने मांग करते हुए मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की थी। रेलवे अधिकारियों ने इस बात को लेकर दावा किया था कि पटरियों के बीच जो इंटरलाकिंग सिस्टम होता है यकीनन उससे छेड़छाड़ की गई थी, जिसकी वजह से इतना बड़े हादसे में तीन ट्रेनों की टक्कर हो गई।
रेलवे ने की थी CBI जांच की सिफारिश
रेलवे ने बालासोर हादसे को लेकर सीबीआई जांच की सिफारिश खुद ही की थी। अधिकारियों ने इसके पीछे हवाला देते हुए कहा था कि रेलवे का इंटरलॉकिंग सिस्टम काफी सुरक्षित होता है, जिसमें कि गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं के बराबर होती है। रेलवे विभाग के मुताबिक जब तक जानबूझकर कोई छेड़छाड़ नहीं की जाती है, तब तक इंटरलॉकिंग सिस्टम में फेरबदल किया ही नहीं जा सकता।
