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Thursday, March 12, 2026
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पुतिन से मिला चेचेनिया का ‘कसाई’, यूक्रेन में वैगनर सेना की जगह लेगी टिकटॉक बटालियन, समझें

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मास्‍को

रूस में वैगनर सेना के असफल तख्‍तापलट के बाद अब यूक्रेन की जंग में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। चेचेनिया के नेता और सीरिया का कसाई कहे जाने वाले रमजान कादयरोव ने रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन से मुलाकात की है। खबरों के मुताबिक वैगनर के देशद्रोही होने के बाद अब रमजान कादयरोव यूक्रेन में उसकी जगह लेना चाहता है। यही नहीं जब वैगनर समूह के चीफ येवगेनी प्रिगोझिन ने विद्रोह किया था तब चेचेन कमांडर ने अपनी सेना को रोस्‍तोव भेजकर पुतिन के प्रति खुलेआम निष्‍ठा का प्रदर्शन किया था। अब कादयरोव यूक्रेन में वैगनर के विकल्‍प के रूप में अपनी सेना को पेश कर रहा है। हालांकि उसकी सेना को जंग के मैदान से ज्‍यादा सोशल मीडिया पर सक्रिय देखा जाता है और इसीलिए उन्‍हें ‘टिकटॉक लड़ाके’ कहा जाता है।

वहीं रूस ने साफ कर दिया है कि वैगनर की सेना अब यूक्रेन में जंग नहीं लड़ेगी। प्रिगोझिन और कादयरोव में प्रतिस्‍पर्द्धा चल रही थी और अब उसके हटने के बाद चेचेन कमांडर को मौका मिल गया है। यही वजह है कि कादयरोव अब पुतिन से अपनी नजदीकी दिखाने की कोशिश कर रहा है। उसने पुतिन के साथ मुलाकात की अपनी सेल्‍फी भी पोस्‍ट की है। हालांकि अभी यह सवाल उठ रहे हैं कि क्‍या वैगनर की प्राइवेट सेना की तरह से चेचेन फाइटर भी रूसी सेना को उसी तरह की सैन्‍य मदद दे पाएंगे या नहीं।

यूक्रेन जंग में क्‍या प्रभाव छोड़ पाएंगे चेचेन लड़ाके ?
इससे पहले प्रिगोझिन के मास्‍को की तरफ बढ़ने के दौरान कादयरोव की टिकटॉक बटालियन ने टेलिग्राम पर एक वीडियो पोस्‍ट किया था जिसमें उसकी सेना को एक खाली पड़े पुल की निगरानी करते हुए दिखाया गया था। उसे लड़ाके मशीन गन से लैस थे। कादयरोव के एक फाइटर को इस वीडियो में कहते हुए सुना जा सकता है, ‘चाहे वो कोई भी हों, हम इन मातृभूमि के देशद्रोहियों को कब्रिस्‍तान में गाड़ देंगे और जो भी जिम्‍मेदारी हमें दी गई है, उसे पूरा करेंगे।’ हालांकि विश्‍लेषकों का कहना है कि यह दावा तब किया गया था जब वैगनर विद्रोहियों की बगावत खत्‍म हो गई थी।

कादयरोव साल 2007 से ही रूस के अशांत चेचेनिया प्रांत में शासन कर रहा है और उसके लड़ाके पहले ही यूक्रेन में लड़ाई लड़ रहे हैं। चेचेन नेता और उसके सैनिक अक्‍सर इंस्‍टाग्राम और टिकटॉक पर केवल परेड करने के वीडियो अपलोड करते हुए दिखे हैं। जंग लड़ने के वीडियो बहुत ही कम हैं। इनके लड़ाकुओं की सैन्‍य सफलता बहुत ही कम है। विश्‍लेषकों का कहना है कि जंग के मैदान में चेचेन लड़ाकू बहुत ही कम प्रभाव डाल पाए हैं। खासतौर पर अग्रिम मोर्चे पर इनका कोई खास असर नहीं है।

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