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कैलाश मानसरोवर यात्रा से भारतीयों को रोकने के लिए चीन की पैंतरेबाजी, जानें क्या कर रहा ड्रैगन

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ल्हासा:

कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए चीन ने करीब 50,000 भारतीय तीर्थयात्रियों को इजाजत देने से इनकार कर दिया है। चीन ने भारतीयों के लिए नए परमिट भी जारी नहीं करने का संकेत दिया है। बीजिंग ने बीते साल अप्रैल में कैलाश मानसरोवर का प्रवेश द्वार हिल्सा बॉर्डर प्वाइंट को खोला था। इसके बाद इस इलाके के होटल और पर्यटन उद्योग के लोगों को उम्मीद थी कि अब उनके बिजनेस का खराब वक्त बीत गया है और आने वाला साल अच्छी कमाई लेकर आएगा। चीन ने इस साल जिस तरह से भारतीयों को जाने से रोकने की कोशिश की है, उससे पर्यटन उद्योग से जुड़े लोग निराश हैं।

काठमांडू पोस्ट की खबर के मुताबिक, होटल उद्यमी बिजय लामा ने कहा कि वह खुश थे और अच्छे व्यवसाय की आशा कर रहे थे क्योंकि तीन साल बाद सीमा खोली गई थी। जब तिब्बती अधिकारियों ने सीमा के माध्यम से भारतीय तीर्थयात्रियों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया तो उनकी आशा निराशा में बदल गई। पिछले साल कई उद्यमियों को बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिससे कई लोग बेरोजगार हो गए। इस साल भी उनको बेहतरी की उम्मीद नहीं हैं।

भारतीयों को रोकने पर चीन की निगाह
चीन ने नेपाल के लोगों के लिए व्यापार और आवाजाही की अनुमति देने वाले कुछ सीमा बिंदुओं को फिर से खोला है लेकिन उसने विशेष रूप से भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। कई लोगों का कहना है कि यह बढ़ती भारत-चीन भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का नतीजा है। इस प्रतिबंध ने हजारों भारतीयों के अत्यधिक पूजनीय तीर्थ स्थल की यात्रा करने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

कोविड महामारी से पहले लगभग 15,000 पर्यटक हिलसा सीमा के माध्यम से कैलाश मानसरोवर की यात्रा करते थे। महामारी के कारण सीमा चार साल तक बंद रही और पिछले साल अप्रैल में फिर से खोल दी गई। कैलाश मानसरोवर यात्रा नेपाली टूर ऑपरेटरों के लिए सबसे आकर्षक टूर पैकेजों में से एक है। कैलाश मानसरोवर के रास्ते में हिल्सा प्रमुख स्थान है। मानसरोवर तीर्थयात्रा का मौसम अप्रैल में शुरू होकर अक्टूबर तक चलता है। जून के मध्य से सितंबर की शुरुआत तक तिब्बत में मानसून का मौसम होता है लेकिन यह वहां यात्रा करने के लिए पीक सीजन और सबसे महंगी अवधि है। बता दें कि कैलाश मानसरोवर एक भारतीय तीर्थस्थल है लेकिन यहां जाने के लिए चीन की सीमा में प्रवेश करना पड़ता है। ऐसे में यहां पहुंचने के लिए चीनी पर्यटक वीजा लेना होता है।

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