मुंबई:
शरद पवार की पार्टी एनसीपी एसपी की सांसद सुप्रिया सुले ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तारीफ की। उन्होंने फडणवीस की सराहना की कि वे किसी भी मंत्री को ‘फिक्सर’ (बिचौलिए) ओएसडी-पीए नहीं रखने देंगे। उन्होंने आगे कटाक्ष करते हुए कहा कि फिर मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों पर यही नियम क्यों लागू नहीं करते? उनके मंत्रिमंडल में ऐसे कई सारे मंत्री हैं जिन पर कई सारे गंभीर आरोप है, फिर वे मंत्री बने हुए हैं।
क्यों दिया ये बयान
दरअसल, कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे ने अपनी विपदा रखते हुए पुणे में कहा कि वे सरकार में अपने मन से पीए और ओएसडी (विशेष कार्य अधिकारी) तक नहीं रख सकते। इस पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने साफ शब्दों में कहा कि मंत्रियों के ओएसडी-पीए नियुक्त करने का अधिकार मुख्यमंत्री के पास होता है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि विवादित या दलाल टाइप के लोगों को किसी भी मंत्री को पीएम-ओएसडी नहीं रखने देंगे। दरअसल महायुति सरकार बनने के बाद मंत्रियों ने अपने ओएसडी और पीए के लिए 125 नाम मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास भेजे थे। इसमें से 109 नाम को मुख्यमंत्री ने सहमति दे दी है जबकि बाकी के नाम को उन्होंने रोक रखा है।
मुख्यमंत्री की पहल को उद्धव सेना ने भी सराहा
मुख्यमंत्री के इस पहल का उद्धव सेना ने भी सराहा है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता व राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री अगर भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम उठा रहे हैं तो उनका स्वागत करते हैं। मुख्यमंत्री ने 16 नाम को इसलिए खारिज कर दिया है उनके नाम पर विवाद है। राउत आगे कहते हैं कि पिछले तीन साल से राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर पहुच गया है जिसे साफ करने का काम फडणवीस कर रहे हैं उसका वे स्वागत करते हैं।
सुप्रिया सुले ने क्या कहा?
इस पर सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि निश्चित ही मुख्यमंत्री की पहल का वे स्वागत करती है लेकिन वहीं नियम-कानून तो मंत्रियों पर भी लागू होना चाहिए। मंत्रियों के लिए अगल नियम और उनके पीए-ओएसडी के लिए अलग नियम। यह तो ठीक नहीं है। आज इस सरकार में कई सारे मंत्रियों पर कई बारे बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। यहां तक कि कोर्ट ने सजा भी सुना दी है, फिर भी उन्हें कैबिनेट से बाहर नहीं किया। मुख्यमंत्री की इस दोहरी नीति वाली भूमिका को कैसे स्वीकार किया जा सकता है। सुले ने आगे कहा कि अगर सरकार वाकई भ्रष्टाचार मुक्त होती तो वॉशिंग मशीन चुनिंदा तरीके से काम नहीं करती।
