16.2 C
London
Tuesday, May 5, 2026
Homeराज्यक्या ऐसे धाम करते हैं? चारधाम पर गए तीर्थयात्रियों ने नदियों को...

क्या ऐसे धाम करते हैं? चारधाम पर गए तीर्थयात्रियों ने नदियों को साड़ियों से पाटा, 7 कुंतल कपड़े निकाले गए

Published on

यमुनोत्री

चार धाम यात्रा में पवित्रता का अपना ही स्थान है। लेकिन, इस बार चार धाम यात्रियों ने जिस प्रकार से पवित्र धाम में गंदगी बिखेरी है, उस पर सवाल खड़े होने लगे हैं। तीर्थयात्रियों ने नदियों में कपड़े छोड़ दिए। स्वच्छता टीम ने जब इस प्रकार की स्थिति देखी तो विशेष अभियान चलाया गया। भागीरथी नदी से 7 कुंतल साड़ियों को छान कर निकाला गया। यमुनोत्री और गंगोत्री तीर्थस्थल के रख-रखाव कार्य में लगने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के लिए यह स्थिति अप्रिय थी। दरअसल, चार धाम की यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्री गंगोत्री से निकलने वाली भागीरथी और यमुनोत्री से निकलने वाली यमुना नदी पर स्नान के बाद अपने कपड़े त्याग रहे हैं। यह दोनों नदियों की स्वच्छता के लिए संकट वाली स्थिति बनती दिख रही है।

भागीरथी और यमुना नदियों से पिछले दो माह में 7 कुंतल कपड़े निकाले गए हैं। इनमें अधिकतर साड़ियां थी। तीर्थस्थल के रख-रखाव करने वाले अधिकारियों के स्तर पर विशेष स्वच्छता अभियान के दौरान यह स्थिति पाई गई। मंदिर के अधिकारियों का कहना है कि साइनबोर्ड पर लिखी चेतावनियों और लाउडस्पीकरों के माध्यम से घोषणा का भी तीर्थयात्रियों पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। कपड़ा फेंकते पाए जाने पर तीर्थयात्रियों पर 1000 रुपए जुर्माना का प्रावधान किया गया है। हालांकि, इससे उन पर कोई असर नहीं पड़ा है।

बताई विकट समस्या
धाम की सफाई व्यवस्था में लगे अधिकारियों का कहना है कि समस्या गंभीर है। गंगोत्री धाम के सचिव सुरेश सेमवाल का कहना है कि यह एक विकट समस्या है। उन्होंने कहा कि हमने भागीरथी नदी से 4 कुंतल कपड़े एकत्र किए हैं। हर दिन कार्यकर्ता नदी में जाते हैं और वहां फेंके गए कपड़े इकट्ठा करते हैं। फिर हम उन्हें नगर पंचायत को सौंप देते हैं, जो उनके निपटाने का इंतजाम करती है। यमुनोत्री मंदिर समिति के एक पदाधिकारी ने कहा कि इस मंदिर में भी स्थिति अलग नहीं है।

यमुनोत्री से 3 कुंतल कपड़े निकले
यमुनोत्री धाम में भी स्नान के बाद कपड़ों को फेंकने का सिलसिला जारी है। जिम्मेदारी अधिकारी बताते हैं कि मई और जून आमतौर पर यात्रा का चरम मौसम होता है। अब तक हमने 3 कुंतल कपड़े एकत्र किए हैं। हमने तीर्थयात्रियों, विशेषकर महिलाओं से अपील की है कि वे ऐसा न करें, क्योंकि फेंके गए कपड़ों में से अधिकांश साड़ियां हैं। इससे हमारे सफाई कर्मचारियों पर भारी दबाव पड़ता है। यह पूछे जाने पर कि तीर्थयात्री अपने कपड़े क्यों छोड़ रहे हैं? पदाधिकारी ने कहा कि यह कोई अनुष्ठान नहीं है।

यमुनोत्री धाम में तैनात सफाई कार्य को देखने वाले अधिकारी का कहना है कि कपड़े खासकर साड़ियां, पानी में डुबाने पर भारी हो जाती हैं। बहुत से तीर्थयात्री नदी में डुबकी लगाने के बाद उन गीले कपड़ों को वहां छोड़ देते हैं। सूखे कपड़ों में चले जाते हैं, जो उनके पास होते हैं।

Latest articles

मप्र के कई जिलों में बारिश, डिंडौरी में ओले गिरे-टीन शेड उड़े, 39 जिलों में अलर्ट

भोपाल। मप्र में मंगलवार सुबह से धार, बड़वानी, झाबुआ सहित कई जिलों में बारिश...

चीन के हुनान में पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 21 की मौत, 61 लोग घायल

बीजिंग। मध्य चीन के हुनान प्रांत से एक बेहद दर्दनाक और खौफनाक खबर सामने...

बंगाल में नई सरकार का शपथग्रहण 9 मई को, सीएम चेहरे पर सस्पेंस बरकरार!

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के...

भारतीय राजनीति के कई पुराने किले ढहे, बंगाल में दीदी तो तमिलनाडु में स्टालिन हारे, शुभेंदु और विजय का चला जादू

नई दिल्ली। चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनावी नतीजे लगभग साफ...

More like this

विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर हिस्सा गंगा नदी में गिरा, 16 जिलों का आवागमन प्रभावित

भागलपुर। बिहार के भागलपुर में स्थित 4.7 किलोमीटर लंबे विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा...

सीसी रोड की खराब गुणवत्ता पर सख्त हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी...

15 जून तक पूरे हों मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जल स्वावलंबन अभियान के कार्य, पौधारोपण की तैयारी के निर्देश

जयपुर। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 एवं जल संचय जन भागीदारी 2.0 की समीक्षा...