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राष्ट्रपति बनते ही ट्रंप करेंगे ऐसा काम, Green Card की कतार में लगे लाखों भारतीयों पर पड़ जाएगा असर, चौंकाने वाली रिपोर्ट

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वॉशिंगटन:

यूएस प्रेसिडेंशियल इलेक्शन 2024 में रिपब्लिक पार्टी के नेता डोनाल्ड ट्रंप स्पष्ट बहुमत से जीते हैं। बहुमत का आंकड़ा 270 इलेक्टोरल वोट का है। रिपोर्ट लिखे जाने तक डोनाल्ड ट्रंप को 277 और उनकी प्रतिद्वंद्वी डेमोक्रेटिक पार्टी की कमला हैरिस को 224 इलेक्टोरल वोट प्राप्त हुए थे। ट्रंप की जीत के बाद अब उनके एक एक्जीक्यूटिव ऑर्डर के ड्राफ्ट की चर्चा है, जिसके पारित होने पर अमेरिका में प्रवासियों के बच्चों को जन्म से मिलने वाली नागरिकता पर ग्रहण लग सकता है।

राष्ट्रपति बनते ही ट्रंप एक्जीक्यूटिव ऑर्डर के ड्राफ्ट पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। हालांकि, उनके इस ड्राफ्ट को अदालत में चुनौती दी जाने की भी संभावना है। अगर ड्राफ्ट पारित हुआ तो ग्रीन कार्ड की कतार में लगे 10 लाख भारतीयों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि इससे ऑर्डर भारतीय प्रवासियों के बच्चों पर भी लागू होगा।

ट्रंप खत्म कर सकते हैं बच्चों के लिए ऑटोमेटिक सिटीजनशिप!
टीओआई की एक रिपोर्ट कहती है कि डोनाल्ड ट्रंप की शीर्ष प्राथमिकताओं में अमेरिका में बच्चों के लिए ऑटोमेटिक सिटीजनशिप (स्वाचालित नागरिकता) को खत्म करना है। रिपोर्ट के मुताबिक, आधिकारिक ट्रंप-वैंस कैंपेन साइट पर पोस्ट किया गया प्लान पहले दिन ही इस आशय के एक एक्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर करने का है।

इसमें कहा गया है कि बारीकी से देखने पर पता चलता है कि बच्चों के लिए ऑटोमेटिक सिटीजनशिप केवल अवैध आप्रवासियों से जन्मे बच्चों के लिए ही खत्म नहीं होगी, मामला काफी आगे जा सकता है। ड्राफ्ट में लिखा है, ”यह फेडरल एजेंसियों को निर्देश देगा कि वे कम से कम माता-पिता में से एक को अमेरिकी नागरिक या वैध स्थायी निवासी होने की आवश्यकता को रखें ताकि उनके भविष्य के बच्चे ऑटोमेटिक सिटीजन बन सकें।”

ट्रंप का यह ऑर्डर प्रवासी भारतीयों के लिए बड़ी मुसीबत!
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप के एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के ड्राफ्ट में कहा गया है कि यह अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन की सही व्याख्या कर रहा है, जबकि आव्रजन मामलों से जुड़े कई अधिवक्ता मानते हैं कि यह कार्यकारी आदेश पारित हुआ तो उसे कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। कुछ अटॉर्नी ने कहा कि यह अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन का उल्लंघन करेगा।

ट्रंप का यह ड्राफ्ट (मसौदा) पारित होता है तो प्रवासी भारतीयों के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। दरअसल, प्यू रिसर्च की ओर से किए गए अमेरिकी जनगणना (2022) के विश्लेषण के अनुसार, अमेरिका में तकरीबन 48 लाख भारतीय-अमेरिकी रहते हैं, जिनमें से 34 फीसद या 16 लाख अमेरिका में जन्मे थे। अगर एक्जीक्यूटिव आर्डर पास हुआ तो आगे चलकर भारतीय दंपतियों (जिनमें से कोई भी अमेरिकी नागरिक या ग्रीन कार्ड धारक नहीं है) से जन्मे बच्चे ऑटोमेटिक सिटीजनशिप के लिए पात्र नहीं होंगे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कैटो इंस्टीट्यूट में इमिग्रेशन स्टडीज के डायरेक्टर डेविड जे बियर के एक अध्ययन से पता चलता है कि भारत से रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड बैकलॉग (ईबी-2 और ईबी-3 स्किल्ड कैटेगरी) मार्च 2023 में एक मिलियन को पार कर गया है।

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